बाजारशुकुल (अमेठी)। क्षेत्र के पूरे भंजन पांडेय गांव में शनिवार को श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली। सिर पर कलश रखकर महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं तो कलश यात्रा में शामिल भक्तों ने खूब जयकारे लगाए। यात्रा प्रमुख स्थानों का भ्रमण करने के बाद कथा स्थल पर आकर समाप्त हुई। दोपहर बाद प्रवाचक ने पहले दिन भागवत महात्म्य प्रसंग की कथा सुनाई।
कलश यात्रा में भक्तों के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा गोमती नदी के मां कामाख्या देवी मंदिर घाट पहुंचीं। यहां पर विधिविधान से पूजन करने के बाद कलश में जल भरकर यात्रा वापस हुई। विभिन्न देवी-देवताओं का जयघोष करते हुए कलश यात्रा कथा स्थल पर आकर समाप्त हुई। वेदी पूजन समेत अन्य धार्मिक अनुष्ठान पूरे हुए।
दोपहर बाद अयोध्या धाम से पधारे प्रवाचक पंडित दिनेश्वरानंद महाराज ने कहा कि विश्व में सभी कथाओं में श्रीमद्भागवत कथा श्रेष्ठ मानी गई है। जिस स्थान पर भागवत कथा का आयोजन होता है, वो तीर्थ स्थल कहलाता है। इसको सुनने एवं आयोजन कराने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियों को ही मिलता है। ऐसे में अगर कोई दूसरा अन्य भी इसे गलती से श्रवण कर लेता है, तो भी वह कई पापों से मुक्ति पा लेता है। इसलिए सात दिन तक चलने वाली इस पवित्र कथा को श्रवण करके अपने जीवन को सुधारने का मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। इस मौके पर कृष्ण नारायण पांडेय, अजय पांडेय, हरिकेश तिवारी, ननकऊ साहू, आकाश शुक्ला, नंदकिशोर पांडेय, सुशील पांडेय, दिनेश पांडेय आदि मौजूद रहे।