गौरीगंज (अमेठी)। जिले में निवास करने वाले गरीबी से जूझ रहे मुसहर व वनटांगिया परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए शासन ने उन्हें मनरेगा व राष्ट्रीय आजीविका मिशन कार्यक्रम का लाभ देने की योजना बनाई है।
कवायद सफल हो सके इसके लिए उपायुक्त ग्राम्य विकास ने जिला प्रशासन को पत्र भेजा है। पत्र में जनपद में निवास करने वाले मुसहर व वनटांगिया परिवारों को चिन्हित करते हुए मनरेगा योजना के तहत उनका जॉब कार्ड बनाते हुए परिवार के सदस्यों को कम से कम 100 दिन का रोजगार देने को कहा है।
प्रदेश सरकार की ओर से संचालित राष्ट्रीय आजीविका मिशन कार्यक्रम के तहत व्यक्ति या समूह संचालित रोजगार के लिए परियोजनाएं स्वीकृत कर उनकी आर्थिक स्थित सुदृढ़ करने को भी कहा गया है।
उपायुक्त का पत्र मिलने के बाद डीएम अरुण कुमार ने परियोजना निदेशक आशुतोष दुबे को सभी खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से जिले में निवास करने वाले मुसहर व वनटांगिया परिवारों को चिह्नित करते हुए उनका जॉबकार्ड बनाने व न्यूनतम 100 दिन का रोजगार मुहैया कराते हुए राष्ट्रीय आजीविका मिशन कार्यक्रम से आच्छादित कर रिपोर्ट देने को कहा है।
डीएम ने मुसहर व वनटांगिया परिवारों को चिह्नित कर उनका जॉबकार्ड नहीं बनाने की दशा में कार्रवाई की चेतावनी दी है।