जगदीशपुर। गड़रियाडीह के पहाड़पुर गांव में नेत्रहीन वृद्ध मोहम्मद अहमद (75) की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में कई चोटों का उल्लेख होने और वन विभाग की प्रारंभिक जांच में जंगली जानवर के हमले के साक्ष्य नहीं मिलने से पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं भूमि विवाद और पुरानी रंजिश की चर्चाओं ने भी जांच को नया मोड़ दे दिया है।
रविवार सुबह मोहम्मद अहमद का शव घर के बरामदे में चारपाई पर लहूलुहान हालत में मिला था। मौके पर सिर और चेहरे पर चोटों के निशान थे। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में कुल 18 चोटों का उल्लेख है। इनमें छह चोटें सिर पर और शेष चेहरे पर हैं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ग्रामीणों के मुताबिक मृतक के नाम करीब ढाई बीघा जमीन थी। पत्नी की मौत के बाद वह अकेले रहते थे। कुछ वर्ष पहले एक महिला उनके साथ रह रही थी, जिसने जमीन अपने नाम कराने का प्रयास किया था। पुलिस भूमि विवाद, पुरानी रंजिश और झाड़-फूंक समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। गांव में भी हत्या के पीछे भूमि विवाद की चर्चा है।
जंगली जानवर के हमले के नहीं मिले साक्ष्य
प्रभागीय वन अधिकारी रणवीर मिश्र ने बताया कि घटनास्थल के निरीक्षण में किसी जंगली जानवर के पगचिह्न नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच में जंगली जानवर के हमले से मौत की बात सही प्रतीत नहीं होती। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है।
रिपोर्ट केजीएमयू भेजकर होगी मेडिको-लीगल जांच
एसपी टी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फोर्सफुल इंजरी का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। रिपोर्ट को मेडिको-लीगल परीक्षण के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजा जाएगा। सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।