अमेठी सिटी। एकल व बंद विद्यालयों को संचालित किए जाने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से समायोजन किया गया है। जिले में 47 एकल विद्यालय थे, जबकि छह विद्यालयों में शिक्षक ही नहीं थे। एकल विद्यालय में एक-एक और बंद विद्यालयों में दो-दो शिक्षकों को समायोजित किया गया है। इस समायोजन पर उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अब्दुल रशीद ने समायोजन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियमों को ताक पर रखकर काम किया गया है। शिक्षकों ने ही समायोजन प्रक्रिया को लेकर संगठन से आपत्ति करने का अनुरोध किया है। कहा कि समायोजन करते समय शासन के नियमों का ध्यान नहीं रखा गया हैं। किसी भी तरह की काउंसिलिंग नहीं कराई गई है। जिन विद्यालयों में शिक्षकों की आवश्यकता है, वहां से भी शिक्षकों को समायोजित कर दिया गया है। सभी समायोजित शिक्षकों को पुराने विद्यालयों से हटा दिया गया है। समायोजन, स्थानांतरण आदेश के बारे में विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों का समायोजन रातों-रात किया गया है। इस समय सभी समायोजित शिक्षक उहापोह में हैं। पुराने विद्यालयों में पोर्टल से उन्हें हटा दिया गया है, लेकिन नए विद्यालयों में अभी जॉइनिंग नहीं हो पाई है। इस समय शीतकालीन अवकाश चल रहा है। बिना किसी समुचित व्यवस्था के किसी को भी हटाया नहीं जा सकता है। कहा कि अमर चंद, प्रवीण कुमार, मनोज कुमार मिश्र, स्मृति चौधरी, रंजीत कुमार, राकेश कुमार, बालकृष्ण यादव, मार्कंडेय तिवारी, अनीता पांडेय आदि शिक्षक-शिक्षिकाओं का समायोजन गलत तरीके से किया गया है। सभी आवश्यक अभिलेख जुटाए जा रहे हैं। शिक्षकों की सेवा, सुरक्षा और स्वाभिमान की सुरक्षा के लिए संगठन हाईकोर्ट की शरण में जाएगा। नियम विरुद्ध कोई भी समायोजन संगठन को स्वीकार नहीं है। जिलाध्यक्ष ने हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने कहा कि जिले में एकल व बंद विद्यालयों की संख्या 53 है। इनमें कुल 59 शिक्षकों का समायोजन किया गया है। ज्यादातर शिक्षकों का उसी ब्लॉक में ही समायोजन हुआ है। सिर्फ गौरीगंज, जगदीशपुर, सिंहपुर और तिलोई में कुछ शिक्षकों का दूसरी ब्लॉक में भेजा गया है।