अमेठी। जायस कस्बा स्थित गुरु गोरखनाथ व सूफी संत महाकवि मलिक मोहम्मद जायसी की जन्मस्थली को पर्यटन स्थल घोषित करने की कवायद तेेज हो गई है। इसी कवायद को लेकर गुरुवार देर शाम डीएम राकेश कुमार मिश्र व तिलोई एसडीएम फाल्गुनी सिंह ने राजस्व विभाग की टीम के साथ दोनों स्थलों का निरीक्षण किया। पर्यटन विभाग की टीम पहले ही दोनों स्थलों का निरीक्षण कर चुकी है।
सबसे पहले मलिक मोहम्मद जायसी शोध संस्थान पहुंचे डीएम ने संस्थान सहित परिसर का निरीक्षण कर नगर पालिका के ईओ रवींद्र मोहन शर्मा को परिसर की साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम का काफिला गुरु गोरखनाथ की जन्मस्थली पहुंचा। यहां अफसरों ने संगत व समाधि स्थल, बारादरी और सगरा का निरीक्षण करते हुए राजस्व विभाग से संगत से जुड़ी भूमि के बारे में जानकारी ली।
डीएम ने संगत के समीप बने रामलीला मेला स्थल बरगदही तालाब का भी निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने मेला स्थल तथा बरगदही तालाब के सुंदरीकरण की बात कही। इसके बाद डीएम महाकवि व सूफी संत मलिक मोहम्मद जायसी की जन्म स्थली जायसी स्मारक देखने पहुंचे।
डीएम ने बताया कि वह मुख्य सचिव के निर्देश पर इन चारों स्थलों का सर्वे करने पहुंचे हैं। इसकी रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजी जाएगी। एसडीएम फाल्गुनी सिंह ने बताया कि शासन से इन चारों स्थलों से जुड़ी संपूर्ण जानकारी मांगी गई है।
पालिका अध्यक्ष महेश प्रताप सोनकर ने बताया कि पर्यटन विभाग इन चारों स्थलों का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण करेगा। जायसी स्मारक और गुरु गोरखनाथ की जन्म स्थली संगत पर्यटन स्थल भी घोषित हो सकती है। पालिका अध्यक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत जल्द ही गुरु गोरखनाथ की जन्मस्थली के कायाकल्प का शिलान्यास करेंगे।