अमेठी सिटी। मौसम के बदले मिजाज के कारण अक्तूबर का अंतिम सप्ताह शुरू होते ही हरी सब्जियों के भाव घटने की जगह आसमान छूने लगे हैं। सहालग सीजन से पहले ही सब्जियों की कीमतों में आए उछाल से घरों की रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। हरी मटर 240 रुपये तो शिमला मिर्च 120 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक रही है।
बाजारों में खरीदारी करने पहुंची गृहिणियां महंगाई से परेशान दिखीं। कटरा लालगंज की पार्वती ने कहा कि महंगाई के कारण सब्जी खरीदने से पहले पर्स टटोलना पड़ता है। महंगाई ने बचत की गुंजाइश ही खत्म कर दी है। गौरीगंज की कल्पना ने बताया कि पहले इस मौसम में हरी सब्जियां सस्ती हो जाती थीं, लेकिन इस बार छठ के बाद से बदले मौसम के मिजाज ने सब्जियों की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। सब्जियों के साथ ही आलू, टमाटर व प्याज की कीमतों में भी दीपावली के बाद अचानक इजाफा हुआ है।
थोक सब्जी विक्रेता करन जायसवाल ने बताया कि मौसम के बदले मिजाज व स्थानीय सब्जियों की आवक कम होने के कारण ही कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है। सब्जियों की खेप बाहर से आने के कारण ही इनके थोक व फुटकर दाम कुछ चढ़ गए हैं। फुटकर सब्जी विक्रेता पप्पू का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सब्जियों की पैदावार अभी कम है। बाहर से आने वाली सब्जियों के परिवहन में खर्च ज्यादा आता है, इसलिए कीमतें बढ़ी हैं। बताया कि हर साल इस समय सब्जियों की कीमतें घटती थीं, पर इस बार हालात उलट हैं। महंगाई ने सहालग सीजन से पहले ही घरों की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है।