अमेठी सिटी। तहसीलों में लेखपाल और राजस्व निरीक्षकों की जिम्मेदारी बाहरी लोग निभा रहे हैं। फाइलों की लिखा-पढ़ी से लेकर किसानों और फरियादियों से काम करवाने के नाम पर वसूली तक का काम प्राइवेट लोग कर रहे हैं। अफसरों को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न होने से इनकी मनमानी बढ़ गई है।
विज्ञापन
तहसील अमेठी परिसर में बुधवार को अलग-अलग कमरों में यही हाल नजर आया। राजस्व निरीक्षक और लेखपालों के पास पांच से छह निजी लोग बैठे मिले। इनमें से तीन मुंशी की तरह सरकारी फाइलों का काम निपटाते दिखे। आलम यह है कि कार्यालय के भीतर ही ये लोग किसानों और फरियादियों से बातचीत कर अधिकारियों को सलाह तक देते हैं।
किसान नेता हरीश उर्फ चुन्नू सिंह ने कहा कि अमेठी तहसील में राजस्व निरीक्षक और लेखपाल प्राइवेट लोगों को रखकर काम निपटा रहे हैं। ये लोग सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर किसानों का शोषण कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार उर्फ बिलसन बाबा का कहना है कि इस मामले की शिकायत एसडीएम और किसान दिवस में की गई, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। भाकियू अध्यक्ष रीता सिंह ने आरोप लगाया कि गौरीगंज तहसील में खतौनी पटल पर प्राइवेट व्यक्ति बैठता है, जो खतौनी निकालने से लेकर अन्य सरकारी काम संभालता है। वह जानकारी लीक करने और दबाव बनाने का काम भी करता है। अन्य पटलों पर भी निजी लोग इसी तरह सक्रिय हैं।
विज्ञापन
एडीएम अर्पित गुप्ता ने कहा कि कार्यालयों में केवल सरकारी कर्मियों की तैनाती है। यदि कहीं प्राइवेट व्यक्ति रखकर काम कराया जा रहा है तो यह नियम के खिलाफ है। जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।