मुसाफिरखाना स्थित गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नाव से दोनों किनारों पर बचाव की तैयारी करते
अमेठी सिटी। लगातार बारिश से जिले के उत्तरी छोर पर बहने वाली गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। खतरे के लाल निशान के करीब पहुंचे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। 15 नावें और गोताखोर तैयार रखे गए हैं। विद्यालयों और पंचायत भवनों को राहत केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है।
नदी का जलस्तर बढ़ने से मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र के मांझगांव, संसारपुर, खेममऊ, पाली, उरेरमऊ, किशनी, नादी, मकदूम कला, सत्थिन, शेखपुर भड़रा और मड़वा गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों को नदी के आसपास जाने से बचने और बच्चों व पशुओं को नदी से दूर रखने की सलाह दी है।
राजस्व टीमें गांवों में स्थिति पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों से संपर्क बनाए हुए हैं। कटान या पानी बढ़ने पर तत्काल लेखपाल या तहसील प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभारी अधिकारी (दैवी आपदा) रामशंकर ने बताया कि आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क किया गया है।
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नदी किनारे अस्थायी चौकियां, राजस्व टीमों को जिम्मेदारी
बाजार शुकुल। गोमती नदी से सटी ग्राम पंचायतों में प्रशासन ने अस्थायी राहत चौकियां बनवा दी हैं। यहां से जलस्तर और कटान की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व टीमों को ग्रामीणों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलदार मुसाफिरखाना राहुल सिंह ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
संभावित बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी
मुसाफिरखाना तहसील के नौ गांव गोमती नदी के किनारे स्थित हैं। अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। विस्थापन की जरूरत पड़ने पर भोजन और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
-संजय चौहान, डीएम