अमेठी सिटी। जिले के 289 निजी स्कूलों के 275 वाहनों के कागज अधूरे हैं। किसी के परमिट पूरा नहीं है तो किसी में अन्य कमियां। परिवहन विभाग ने स्कूलों को कई बार नोटिस दी लेकिन, सुधार नहीं हो रहा है। स्कूलों को अंतिम नोटिस भेजी गई है।
एक सप्ताह में कागज सही न कराने के साथ सभी वाहन स्वामियों को सोमवार से 22 जुलाई तक कार्यालय में आयोजित कैंप में वाहन की जांच करवाते हुए प्रपत्र पूरा करवाने की बात कही है। कैंप के बाद कमी मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। एआरटीओ कार्यालय ने स्कूली वाहनों के अभिलेखों की जांच की। जांच पड़ताल में 289 स्कूलों के 275 वाहनों के अभिलेख अधूरे मिले। किसी की परमिट का कागज अधूरा मिला तो किसी का नवीनीकरण नहीं मिला।
परिवहन विभाग ने इन स्कूल वाहन के स्वामियों को डाक से अंतिम नोटिस देते हुए कहा कि प्रकरण स्कूली बच्चों के जीवन से जुड़ा है। एक सप्ताह में वाहनों के सभी प्रपत्र पूर्ण करने को कहा गया है। अन्य वाहन स्वामियों को स्कूली वाहनों के फिटनेस जांच के लिए कार्यालय में सोमवार से 22 जुलाई तक कैंप लगेगा। कहा कि जिन वाहनों का परमिट समाप्त हो, वे ऑनलाइन फीस जमा करते हुए परमिट प्राप्त कर लें।
एआरटीओ प्रशासन सर्वेश सिंह ने बताया कि स्कूली वाहनों को बिना मानकों के नहीं चलने दिया जाएगा। इनकाें सात दिन का अंतिम मौका दिया गया है।
गाइडलाइन के अनुसार, स्कूली बस या अन्य वाहन पीले रंग से पेंट होनी चाहिए। बस के आगे व पीछे ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा हो। सभी खिड़कियों के बाहर लोहे की ग्रिल होनी चाहिए। बस में अग्निशमन यंत्र लगा हो, जिससे आग लगने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके। स्कूल बस के पीछे स्कूल का नाम और फोन नंबर लिखा होना चाहिए। दरवाजे में ताला लगा हो और सीटों के बीच पर्याप्त जगह होनी चाहिए। इसके साथ चालक को कम से कम पांच साल का वाहन चलाने का अनुभव हो। ड्राइवर के पास लाइसेंस और ट्रांसपोर्ट परमिट होना चाहिए।