अमेठी सिटी। जिला मुख्यालय गौरीगंज से औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर तक जाने वाला प्रमुख मार्ग जल्द फोरलेन का रूप लेगा। 28 किलोमीटर लंबे हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने शासन को भेजा है। इसकी अनुमानित लागत करीब 639 करोड़ रुपये आंकी गई है। सड़क का चौड़ीकरण होने से जिले के औद्योगिक, शैक्षिक और सामाजिक परिवहन ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जगदीशपुर-गौरीगंज-अठेहा-अझारा राज्यमार्ग की लंबाई लगभग 68 किलोमीटर है। यह मार्ग जिला मुख्यालय को लखनऊ-वाराणसी हाईवे और टांडा-बांदा हाईवे से जोड़ता है। पहले से हाईवे का दर्जा मिलने के बावजूद अभी अधिकतर हिस्सा दो लेन का है। संकरे हिस्सों और तीव्र मोड़ के कारण कई स्थानों पर यातायात बाधित रहता है। जाम और दुर्घटनाओं की समस्या भी सामने आती रही है। इन्हीं कारणों से पहले चरण में जगदीशपुर से गौरीगंज तक के हिस्से को फोरलेन बनाने की योजना तैयार की गई है।
गौरीगंज स्थित औद्योगिक क्षेत्र टिकरिया और जगदीशपुर औद्योगिक क्षेत्र के बीच सीधा संपर्क इसी मार्ग से है। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि गौरीगंज से जगदीशपुर तक 28 किलोमीटर फोरलेन का प्रस्ताव शासन के पास है। स्वीकृति मिलते ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण आरंभ कराया जाएगा।
28 मोड़, पांच ब्लैक स्पॉट चिह्नित
इस मार्ग पर करीब 28 मोड़ हैं, जहां दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। पांच ब्लैक स्पॉट भी चिह्नित किए गए हैं। प्रस्तावित कार्य के दौरान मोड़ों का सुधार किया जाएगा और ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा मानकों के अनुरूप उपाय अपनाए जाएंगे। इससे सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा और यात्रा अधिक सुरक्षित बनेगी।
वर्ष 2020 में मिला स्टेट हाईवे का दर्जा
जगदीशपुर से गौरीगंज, अठेहा होते हुए प्रतापगढ़ जिले की तहसील लालगंज अझारा तक जाने वाले लगभग 68 किलोमीटर मार्ग को वर्ष 2020 में स्टेट हाईवे घोषित किया गया था। यह लखनऊ-वाराणसी एनएच से जुड़ता है और एनएच-128 व एनएच-31 तक पहुंच का प्रमुख मार्ग है।