गौरीगंज स्थित परिषदीय विद्यालय के पुस्तकालय में पढ़ाई करते बच्चे। स्रोत: विभाग
अमेठी सिटी। जिले के 1570 परिषदीय विद्यालयों में अब पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक रुचिकर बनाने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को खेल, प्रयोग, कहानी, कविता, समूह चर्चा और डिजिटल माध्यम से पढ़ाया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में सप्ताहवार गतिविधि कैलेंडर तैयार कर उसी के अनुसार शिक्षण कार्य कराया जाएगा।
नई व्यवस्था में सुबह की प्रार्थना सभा को भी सीखने का माध्यम बनाया जाएगा। इसमें प्रेरक प्रसंग, सामान्य ज्ञान, योग, शब्दावली विकास और नैतिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां शामिल होंगे। कक्षाओं में गणितीय खेल, विज्ञान प्रयोग, कहानी वाचन, कविता पाठ, चित्रकला, हस्तकला, संगीत, खेलकूद और समूह गतिविधियों के माध्यम से विषयों को सरल और रोचक ढंग से पढ़ाया जाएगा। विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रश्नोत्तरी, भूमिका-अभिनय तथा स्थानीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रत्येक शनिवार को प्रतिभा दिवस मनाया जाएगा, जिसमें विद्यार्थी अपनी कला, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के माध्यम से बच्चों को शैक्षिक वीडियो और डिजिटल सामग्री भी दिखाई जाएगी, जिससे उनकी विषयों की समझ बेहतर हो सके।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि इस व्यवस्था में अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायतों की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी। नियमित उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों तथा नवाचार अपनाने वाले विद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा। इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी।