मुसाफिरखाना सीएचसी में रुदौली गांव के युवक से बातचीत करतीं एसपी अपर्णा रजत कौशिक। स्त्रोत: ग्र
अमेठी सिटी। दोहरे हत्याकांड में मां-बेटे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बृहस्पतिवार देर शाम पुलिस अफसरों को मिल गई। रामा के सिर पर चार गहरे घाव मिले हैं और आकाश के सिर पर पांच। दोनों के चेहरों पर भी चोट के कई निशान मिले हैं। दोनों की मौत का कारण एंटीमार्टम इंजरी (गहरी चोट लगने से मौत होना) आई है। देर शाम दोनों के शव पोस्टमार्टम हाउस से गांव ले लाए गए।
हत्यारोपियों ने मां-बेटे के सिर और चेहरे को निशाना बनाया। घटनास्थल काे देखकर पुलिस अफसरों ने अंदेशा जताया कि दोनों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। घटनास्थल पर दोनों पक्षों के बीच संघर्ष के निशान नहीं दिखे।
वारदात के लिए आबादी से दूर खेत को चुना
हत्यारोपी चाहते तो मां-बेटे को उनके घर पर ही निशाना बना सकते थे, लेकिन उन्होंने खेत में वारदात को अंजाम दिया। खेत से आबादी करीब एक किलोमीटर दूर है। वारदात के वक्त सिर्फ दो ही लोग घटनास्थल से करीब चार सौ मीटर दूर थे, जो बीचबचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। यह भी कहा जा रहा है कि रामराज की बेटी के सिर पर जो बोरी थी उसी में हथियार थे, जिनसे वारदात को अंजाम दिया गया।
अच्छा नहीं रामराज का आचरण
ग्रामीणों ने बताया कि रामराज का व्यवहार ठीक नहीं था। इसी वजह से गांव के लोग उससे कम ही बात करते थे। उसके परिवार के लोगों से भी गांव वालों ने दूरी बना रखी थी। इसके उलट, रामा का व्यवहार ठीक था। हत्याकांड के बाद कई ग्रामीण, खासकर महिलाएं उनके व्यवहार को लेकर चर्चा करती मिलीं।