दोनों के बीच आध्यात्मिक भेंटवार्ता में महाकुंभ में युवाओं की भागीदारी पर चर्चा हो रही है। पूर्व सांसद पूछ रही हैं कि इस बार महाकुंभ में सनातनियों की 50 प्रतिशत संख्या युवा पीढ़ी की रही। कुंभ के प्रति यह आस्था और इस उपस्थिति को आप क्या मानते हैं। इसपर आचार्य महामंडलेश्वर कह रहे हैं कि यह कुंभ भारतीयों के साथ विदेशियों में भी आकर्षण का केंद्र है। हमने इससे पहले विदेशियों का इतना अधिक आगमन नहीं देखा।
युवा मन में सत्य, असत्य, जड़, चेतन, नित्य व अनित्य की जिज्ञासा दिखी है। इस पर स्मृति कह रही हैं कि तो सनातनी प्रभु की खोज में हैं? स्वामी जी कह रहे हैं -बिल्कुल, यहां जिज्ञासा दिखी है। यहां सत्य की प्यास दिखी है। इस बार लगा कि सभी लोग ज्ञान की खोज में हैं। इस आध्यात्मिक वार्ता को पूर्व सांसद ने सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसे लोग पसंद कर रहे हैं।