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अमेठी में मिला पहला कोरोना पॉजिटिव

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अमेठी। राजस्थान की दरगाह अजमेर शरीफ से 01 मई को बस से अमेठी पहुंचे जत्थे में से एक महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई। जांच में महिला में कोरोना वायरस की पुष्टि होने पर जिले में हड़कंप मच गया। डीएम के निर्देश पर उसको सुल्तानपुर जिले के कुड़वार स्थित लेवल-1 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डीएम व एसपी स्वास्थ्य टीम के साथ एएच इंटर कॉलेज व कस्बे का निरीक्षण किया। डीएम अरुण कुमार ने एक किलोमीटर के क्षेत्र को रेड जोन घोषित करते हुए सील करा दिया है।
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डीएम अरुण कुमार ने बताया कि जिले के कमरौली गांव के 26, इन्हौना गांव की एक तथा जगदीशपुर के गौहर का पुरवा मजरे अशरफपुर के एक व्यक्ति समेत कुल 28 लोग (इसमें 11 महिलाएं शामिल थीं) 18 मार्च को निहालगढ़ रेलवे स्टेशन से अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर राजस्थान के दरगाह अजमेर शरीफ गए थे। इसी बीच लॉकडाउन घोषित होने से सभी लोग वहीं फंस गए।
इनका जत्था 01 मई को प्राइवेट बस संख्या आरजे-01 पीए 4041 से जिले के इन्हौना बार्डर पहुंचा। बार्डर पर मौजूद अफसरों ने बस को रोका तो उनके पास अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर अजमेर की ओर से जारी निर्गत वाहन पास के साथ ही 29 लोगों की मेडिकल सूचना संलग्न थी। बस में चालक व क्लीनर समेत कुल 30 लोग सवार थे। मौजूद स्वास्थ्य टीम की ओर से सभी की स्क्रीनिंग के बाद एहतियातन उन्हें मुसाफिरखाना के एएच इंटर कॉलेज में 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया गया।
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डीएम ने बताया कि स्वास्थ्य टीम की ओर से 02 मई को सात और 03 मई को 21 लोगों की सैंपलिंग कराते हुए उसे जांच के लिए एसजीपीजीआई लखनऊ भेजा गया। मंगलवार सुबह आई रिपोर्ट में जत्थे में शामिल इन्हौना की रहने वाली 45 वर्षीय महिला पॉजिटिव पाई गई। इस पर महिला को तत्काल सुल्तानुपर जिले के कुड़वार में बनाए गए लेवल-1 अस्पताल में आइसोलेट कराते हुए उपचार शुरू करा दिया।
सेंटर में पॉजिटिव मरीज पाए जाने के बाद डीएम ने एक किलोमीटर के एरिया को रेड जोन घोषित कर दिया। बताया कि प्रोटोकाल के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। डीएम का आदेश मिलते ही एएच इंटर कॉलेज के साथ ही एक किलोमीटर की एरिया को सील करते हुए मुसाफिरखाना कस्बा 11 मई तक के लिए पूरी तरह से बंद करा दिया गया है।
क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों को उनके घर से बाहर निकलने तथा उस परिधि में किसी भी प्रकार का प्रवेश, निकास तथा वाहनों का संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। क्वारंटीन सेंटर के साथ ही सील एरिया को सैनिटाइज तथा वहां रहने वाले लोगों की स्क्रीनिंग का कार्य मेडिकल टीम की ओर से शुरू कर दिया गया है। डीएम व एसपी डॉ. ख्याति गर्ग क्वांरटीन सेंटर पहुंचकर घंटों मौजूद रहकर वहां का जायजा लेने के साथ ही कस्बे का भ्रमण करते हुए मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
डीएम अरुण कुमार ने सील किए गए एरिया में रहने वाले लोगों के लिए हेल्प लाइन नंबर भी जारी किया है। डीएम ने कहा है कि किसी भी आपात स्थित पर लोग 05368-244577 तथा 6394802956 पर संपर्क पर अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। सूचना मिलते ही तत्काल रिस्पांस दिया जाएगा। डीएम ने रेड जोन में स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा किसी के भी जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई है।
इस एरिया में आवश्यक सामग्री की होम डिलीवरी व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश एसडीएम व सीओ को सौंपा है। डीएम ने कहा कि दूध, सब्जी, राशन, दवा आदि लोगों के घरों तक पहुंचाई जाएगी। कमरौली के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वंदे हसन ने बताया कि अजमेर में काफी दिन तक फंसे रहने के बाद लोगों ने स्वयं प्रयास कर एक बस बुक करने के बाद वहां के प्रशासन से पास निर्गत कराया था।
कहा कि उन लोगों को घर भेजवाने में न तो राजस्थान प्रशासन और न ही किसी दल के लोगों ने कोई मदद की। एक मई को प्राइवेट बस पर सवार 28 लोग इन्हौना बार्डर पहुंचे थे। हालांकि उन लोगों के पास अजमेर के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की ओर से निर्गत पास था। डीएम अरुण कुमार ने 02 मई को अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर यह आपत्ति जताई थी कि जिले के इतने लोगों के आने की सूचना न तो राजस्थान सरकार और न ही अजमेर प्रशासन की ओर से उन्हें दी गई। यह भी कहा था कि अजमेर में 150 से अधिक कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद इन लोगों को न तो यूपी बार्डर और न ही प्रदेश के अन्य जिलों में रोका गया।
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