अमेठी सिटी। अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज (एआईपीएस) में एएनएम सहित अन्य कोर्स कराने के नाम पर छात्र-छात्राओं से रकम वसूलने और धोखाधड़ी की शिकायतों के मामले में एसीजेएम मुक्ता त्यागी सुल्तानपुर की अदालत ने गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने दो अलग-अलग प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई करते हुए प्रबंधक प्रिंस उर्फ आजम खान सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज के प्रबंधक प्रिंस उर्फ आजम खान निवासी गंगागंज अमेठी, फीस वसूली देखने वाले विवेक श्रीवास्तव निवासी आवास विकास कॉलोनी और छात्राओं को परीक्षा के लिए ले जाने वाले रेहान खान के विरुद्ध शिकायतें प्रस्तुत की गई थीं। कुड़वार थाने के गोविंदापुर बीबीगंज-फिरोजपुर कला निवासी छात्र संस्कार त्रिपाठी और अमेठी के पूरब गांव नरैनी की छात्रा शिवानी तिवारी ने आरोप लगाए कि तीनों आरोपियों ने 90-90 हजार रुपये लेकर कोर्स पूरा न कराते हुए गुमराह किया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने की आशंका देखते हुए अमेठी कोतवाल को एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। अदालत ने एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया।
देरी या लापरवाही की स्थिति में प्रभारी निरीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। गौरतलब है कि छात्रा प्रिंसू तिवारी समेत अन्य शिकायतकर्ताओं की तहरीर पर पूर्व में भी इन्हीं आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज चुकी है। नए मुकदमों के जुड़ने से आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।