जिला अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाते स्वास्थ्य कर्मी। -संवाद
अमेठी सिटी। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में एकाएक कुत्तों का उत्पात बढ़ गया है। अकेले बाजारशुकुल की बात करें तो वहां तीन दिन के भीतर 52 लोगों को कुत्तों ने घायल कर दिया। जिला अस्पताल संग सीएचसी में प्रतिदिन औसतन 100 लोग एंटीरेबीज इंजेक्शन (एआरवी) लगवाने आ रहे हैं। पशु चिकित्सक कुत्तों से सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं।
राजकीय पशु अस्पताल गौरीगंज के चिकित्सक डॉ. बृजेश कुमार पांडेय ने बताया कि अभी कुत्तों के प्रजनन का समय है। जन्म देने के बाद मादा अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए आक्रामक हो जाती है।
ऐसे में उनके बच्चों के साथ या उस ओर जाने पर मादा हमला कर देती है। इसके अलावा मृत पशुओं का मांस खाकर भी कुत्ते हिंसक हो जाते हैं। मांस खाने के बाद दो से तीन दिनों तक उग्र रहते हैं। इससे कुत्ते लोगों पर हमला कर देते हैं।
उन्होंने बताया कि बड़ों की अपेक्षा कुत्ते बच्चों पर ज्यादा हमला करते हैं। बच्चों को अकेले न छोड़ें और अगर पैदल निकल रहे हैं तो हाथ में डंडा अवश्य रखें। बताया कि पालतू कुत्तों को समय पर टीका अवश्य लगवाएं।