अमेठी सिटी। बारिश के बाद जिले में लोकल फॉल्ट और ट्रिपिंग बढ़ने से बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई। निर्धारित रोस्टर के बावजूद कई क्षेत्रों में छह से आठ घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। उमस के बीच उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। धान की रोपाई, सिंचाई, पेयजल आपूर्ति, कारोबार और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई।
जिला मुख्यालय सहित जिले के कई उपकेंद्रों की बिजली बुधवार को लोकल फाॅल्ट और ट्रिपिंग के नाम कटौती हुई। शुकुलपुर उपकेंद्र की 33 केवी लाइन पर नीम का पेड़ गिरने से सुबह 8:58 बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कर्मचारियों ने ग्रामीणों की मदद से पेड़ हटाकर लाइन दुरुस्त की, जिसके बाद दोपहर 12:30 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। करपिया उपकेंद्र भी सुबह 8:15 बजे ब्रेकडाउन होने से प्रभावित रहा। मरम्मत के बाद सुबह नौ बजे बिजली चालू की गई। पनियार पावर हाउस क्षेत्र में मंगलवार रात से बुधवार तक छह घंटे से अधिक बिजली गुल रही।
मुसाफिरखाना, जामों, मऊ, बेनीपुर, अमेठी, जायस, जगदीशपुर, तिलोई और सेमरौता उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में भी रात और दिन मिलाकर करीब आठ घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। उपभोक्ताओं ने बताया कि बार-बार ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से मोबाइल चार्जिंग, पेयजल आपूर्ति और घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि बारिश के बाद ओवरलोड की समस्या कम हुई है। कंट्रोल के निर्देशों के अलावा स्थानीय स्तर पर कटौती नहीं की जा रही है। जहां लोकल फॉल्ट आते हैं, वहां मरम्मत के लिए कुछ समय बिजली आपूर्ति रोकनी पड़ती है।
फुरसतगंज में उपकेंद्र पर मरम्मत और बिजली लाइनों के पास पेड़ों की छंटाई के लिए बुधवार सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। अवर अभियंता रामअचल गुप्ता ने बताया कि सुरक्षित और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह कार्य कराया गया। निर्धारित समय में काम पूरा होने के बाद दोपहर एक बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
बिजली ठीक करता कर्मचारी