फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amethi News: तापमान बढ़ने से किसान चिंतित

Wed, 05 Feb 2025 12:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
विज्ञापन
विज्ञापन
अमेठी सिटी। मौसम के बदलते रुख से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचती जा रही हैं। दिन में तेज धूप और सुबह-शाम ठंड से गेहूं की पौध का विकास प्रभावित होने का खतरा दिखने लगा है। इससे सीधे तौर पर गेहूं का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
विज्ञापन



जिले में पिछले तीन -चार दिन से अचानक मौसम का मिजाज बदल गया है। दिन में तेज धूप तो सुबह व शाम ठंड का अहसास बना हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ा तो गेहूं की फसल को नुकसान होने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे गेहूं की बालियां कमजोर होने के कारण उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना से किसान परेशान हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में गर्मी का अहसास हो रहा है।


कोहरा और ठंड का असर भी कम हो गया है। इससे गेहूं की फसल प्रभावित होने की संभावना हो गई है। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल के विकास और बेहतर उत्पादन के लिए ठंड का होना बेहद जरूरी है। बीते चार दिन से दिन की धूप में खड़ा होना मुश्किल है। यदि तापमान में इसी प्रकार की बढ़ोतरी होती रही तो गेहूं के दाने पतले हो जाएंगे। इससे जहां उत्पादन प्रभावित होगा, वहीं किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। किसान भी फसलों की सिंचाई संग उर्वरक व दवाओं का छिड़काव कर फसल उत्पादन में गिरावट रोकने की कोशिश में जुटे हैं।
विज्ञापन







उत्पादन पर पड़ेगा प्रतिकूल असर
जिले में करीब 1,30,261 हेक्टेयर में गेहूं की खेती 3.20 लाख किसानों की ओर से की गई है। गेहूं का उत्पादन जिले में 33.18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होता है। इसके साथ ही जिले में वर्तमान में जौ, चना, मसूर, सरसों की खेती भी किसान करते हैं। एक सप्ताह पूर्व तक मौसम गेहूं संग अन्य फसल के लिए अनुकूल बना हुआ था, लेकिन फरवरी में बढ़ता तापमान फसलों के उत्पादन पर विपरीत असर डालेगा।





बार-बार करनी पड़ रही सिंचाई
गौरीपुर गांव निवासी किसान सरयू प्रसाद तिवारी ने बताया कि वर्तमान में ठंड काफी कम हो गई है और कोहरा भी नहीं पड़ रहा है। तापमान भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे फसल समय से पहले सूख सकती है। जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। माधवपुर निवासी किसान विशाल ने कहा कि फसल बचाने के लिए बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है। यदि तापमान में बढ़ोतरी होती रही तो लागत निकाल पाना मुश्किल होगा। किसान रामराज, गंगादीन और कमलाकांत ने बताया कि गेहूं, जौ सहित अन्य फसलों का उत्पादन कम होने की चिंता सताने लगी है। किसान पंकज कुमार, राजेंद्र व सोम प्रकाश ने कहा कि मौसम काफी गर्म होने के कारण गेहूं की दोबारा सिंचाई करनी पड़ रही है। काफी लागत लगाकर गेहूं की बोआई की थी। इस बार तापमान तेजी से बढ़ रहा है, इससे फसल के प्रभावित होने का डर सता रहा है।





खेतों में बनाए रखें नमी
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि 120 से 135 दिन में पकने वाली गेहूं की प्रजातियों में 20 से 30 फीसदी तक पैदावार घट सकती है। खेतों में नमी बनाए रखने की जरूरत है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके आनंद ने बताया कि पछुआ हवा और तापमान में बढ़ोतरी के कारण गेहूं की फसल प्रभावित हो सकती है। तापमान बढ़ने का क्रम जारी रहा तो गेहूं की बालियों में दाने छोटे हो सकते हैं। इससे उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। किसानों को गेहूं की सिंचाई करने के 20-22 दिन के अंंतराल पर सिंचाई करते रहना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें