अमेठी सिटी। फसल को बीज, भूमि जनित रोग व कीटों से बचाव के लिए बीज व भूमि शोधन की सलाह कृषि रक्षा विभाग की ओर से जारी की गई है। किसानों के लिए व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर अपनी समस्या भेजकर किसान जरूरी सलाह घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी हरिओम मिश्र ने बताया कि किसान अपनी फसल की समस्या के निदान के लिए सहभागी फसल निगरानी व निदान प्रणाली के मोबाइल नंबर 9452247111 व 9452257111 पर अपना पंजीकरण अथवा अपना नाम, ग्राम का नाम, विकास खंड, जिले का नाम लिखते हुए मैसेज व व्हाट्सएप भेजें। किसान घर पर रहते हुए संबंधित समस्या के निदान की सूचना 48 घंटे के अन्दर मोबाइल नंबर पर प्राप्त कर सकते हैं।
विकासखंड पर स्थापित कृषि रक्षा इकाई से संपर्क कर फसलों में लगने वाले कीट या रोगों के बारे में जानकरी, उपचार की विधि के साथ-साथ कृषि रक्षा रसायन प्राप्त कर सकते हैं।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि बीज शोधन करने से कम लागत में अधिक लाभ होता है। धान की फसल में झुलसा व जीवाणुधारी रोग के लिए स्ट्रेप्टोसाईक्लीन सल्फेट 90 प्रतिशत, टेट्रासाइक्लीन हाइड्रोक्लोराइड 10 प्रतिशत, 25 किग्रा बीज में तथा झोंका, मिथ्या, कंडुआ व गंडो (हल्दी रोग) से बचाव के लिए दो ग्राम कार्बण्डाजिम 50 प्रतिशत डब्लूपी दो ग्राम की मात्रा प्रति किग्रा बीज के अनुसार बीज शोधन कर बोआई करें। फफूंदनाशक ट्राइकोडरमा हारजिएनम की 4-5 ग्राम मात्रा प्रति किग्रा बीज के अनुसार प्रयोग करें। ट्राइकोडरमा-हारजिएनम दो प्रतिशत जैविक कीटनाशक का प्रयोग बीज शोधन व भूमि शोधन के लिए प्रयोग किया जा सकता है।