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Amethi News: किसानों ने ही बांधी माइनर की पटरी

Fri, 20 Dec 2024 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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तिलोई (अमेठी)। नहर का संचालन शुरू होने के बाद पटरी कटने से जिले के किसान परेशान हैं। मंगलवार की रात क्षेत्र के कमई गांव में भदमर-चिलूली माइनर में पानी छोड़ने के बाद बहाव तेज होने के कारण पटरी कट कर बह गई थी। पूरी रात पानी किसानों के खेतों में भरता रहा। बुधवार को सुबह किसान खेत पहुंचे तो खेत पानी से लबालब देख चिंतित हो गए। खुद ही किसानों ने पटरी को दुरुस्त किया।
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तत्काल कटान की सूचना गांव के किसान गुरुचरण पासवान, राजाराम व अशोक कुमार ने फोन कर सिंचाई विभाग के अवर अभियंता सहित कर्मचारियों को दी, मगर लापरवाही इस कदर हावी रही कि पूरा दिन बीत जाने के बाद भी एक भी कर्मचारी कटान को दुरुस्त करने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। पूरे दिन जुटे रहने के बाद किसानों ने फावड़ा और मिट्टी की मदद से कटी पट्टी को दुरुस्त किया। पटरी दुरुस्त होने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। विभागीय लापरवाही से किसानों में आक्रोश है। सभी का कहना है कि उनकी नुकसान की भरपाई को छोड़िए, उनका हाल लेने के लिए भी तहसील व सिंचाई विभाग का एक भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।


चार दिन में 280 बीघा फसल हुई नष्ट
माइनर कटान से पिछले चार दिनों में क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में 280 बीघा फसल किसानों की नष्ट हुई है। चार दिन पहले सोमवार को दौलतपुर माइनर कटने व मंगलवार को सेमरौता रजबहा की टेल तक सफाई न होने से उफान के कारण लक्ष्मणदेई गांव में 100 बीघा फसल पानी में डूबकर नष्ट हो चुकी थी। इसमें 50 से अधिक किसान प्रभावित थे। जिसमें गेहूं, सरसों व मटर की फसल शामिल थी। इसी बीच कमई गांव में भी माइनर काटने से 40 किसानों की 100 बीघा फसल पानी में डूब कर नष्ट हो गई। एसडीएम तिलोई अमित सिंह ने बताया कि मामले में किसानों के नुकसान का आकलन लेखपाल से कराया जा रहा है। कटान से प्रभावित हुए किसानों की आख्या रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जिससे किसानों की आर्थिक मदद हो सके।
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अधिशासी अभियंता बोले, नहीं कटी थी पटरी
सिंचाई विभाग खंड-28 के अधिशासी अभियंता नवनीत कुमार से बात की गई तो उन्होंने दौलतपुर व कमई माइनर की पटरी कटी होने से इन्कार कर दिया। कहा कि ऐसी कोई कटान हुई ही नहीं है। उन्होंने सेमरौता रजबहा पर बताया कि टेल तक पानी न पहुंचने पर सफाई कर दी गई हैं।
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