अमेठी सिटी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) के घोषित परिणाम में जगदीशपुर विकासखंड के थौरी गांव निवासी किसान के बेटे अमरीश मिश्र ने सफलता हासिल की है। दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर तैयारी करने वाले अमरीश को चौथे प्रयास में 44 वीं रैंक मिली है। सामान्य किसान के बेटे अमरीश डिप्टी जेलर बन गए हैं। सफलता का श्रेय परिजनों व शिक्षकों को दिया है।अमरीश कुमार मिश्र (29) के पिता राज नाथ मिश्र थौरी गांव में ही कृषि कार्य करते हैं। बड़े भाई प्रदीप निजी स्कूल का संचालन करते हैं। दो भाइयों में छोटे अमरीश ने गांव के ही थौरी इंटर कॉलेज से हाईस्कूल की पढ़ाई की। जीआईसी सुल्तानपुर से इंटरमीडिएट पूरा किया। बनारस हिंदू युनिवर्सिटी स्नातक की पढ़ाई 2014 में व परास्नातक 2016 में पूरा किया। अमरीश ने बताया कि 2018 में जेआरएफ के लिए चयन हुआ तो 2019 में दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। पीसीएस के चलते रिसर्च छोड़ना पड़ा। वर्ष, 2018 में बेहतरीन प्रयास के चलते एक बड़े कोचिंग सेंटर में निशुल्क दाखिला मिल गया। जिसके बाद तैयारी को गति मिली। इस बार सफलता ने आत्मविश्वास दिया है। उनके कृषक पिता राजनाथ मिश्र को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। बुधवार को स्थानीय निवासी प्रदीप सिंह, सुनील सेठ, संजीत, मो. असलम खान, राजेश्वर प्रताप सिंह आदि ने उनके घर पहुंचकर शुभकामनाएं प्रेषित की।
असफलता ने दिया था डिप्रेशनअमरीश ने बताया कि वर्ष, 2019 में उन्होंने सबसे ज्यादा मेहनत की थी। दिन भर पढ़ाई के साथ ही रात को भी वह जागते रहे। कठिन मेहनत के बाद प्री, मेंस व इंटरव्यू हुआ तो आशा थी कि एसडीएम के नीचे पद नहीं मिलेगा। उस दौरान रिजल्ट में नाम नहीं आया तो गहरी निराशा हुई और लंबे समय तक डिप्रेशन जैसी स्थिति रही। पिता व बड़े भाई के कहने पर फिर से नए सिरे से तैयारी शुरू की। सीट कम होने के चलते डिप्टी जेलर का पद मिला है। बताया कि घर वालों से बार-बार पैसे मांगना बहुत असहज कर रहा था।
बेहतर परिणाम के लिए 12 घंटे की पढ़ाई
यूपीपीएसस में बेहतर परिणाम के लिए अमरीश ने 12 घंटे तक पढ़ाई की। अपनी दिनचर्या के बारे में बताया कि दिल्ली में नियमित रूप से तड़के पांच बजे सोकर उठते हैं तो दौड़ने निकल जाते हैं। लौटने के बाद स्नान व नाश्ते के बाद सुबह आठ बजे से दो बजे तक पढ़ाई करते हैं। दोपहर में खाने के बाद शाम तीन से रात 11 बजे तक पढ़ाई करते रहे। तैयारी के बारे में बताया कि जो कुछ पढ़ा है, उसके रिवीजन पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया। इसी के साथ लिखने का अभ्यास नियमित रूप से किया। पुराने प्रश्न पत्र तय अवधि में हल करने के लिए कई महीने तक अभ्यास किया।