अमेठी सिटी। किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को विभिन्न समस्याओं को लेकर पंचायत लगाई। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित 11 सूत्री ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष नफीस चंदेल की अगुवाई में किसानों ने पंचायत लगाकर प्रदर्शन किया। दिए ज्ञापन में बताया गया है कि भारतीय किसान यूनियन की आवाज को लोकतंत्र में दबाया जा रहा है। किसानों ने वर्ष 2020 में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ देश की राजधानी में आंदोलन किया। किसानों के लंबे संघर्ष के बाद कृषि कानून वापस लिए गए थे, तब से किसानों से किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं।
किसानों ने सभी फसलों के लिए कानूनी रूप से गारंटीकृत खरीद के साथ एमएसपी देने, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल करने व डिजिटल भुगतान की मांग की है। इसके साथ ही व्यापक ऋण माफी, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली का निजीकरण रोकने, प्रीपेड स्मार्ट मीटर नहीं लगाने, कृषि नलकूपों के लिए मुफ्त बिजली, घरेलू व दुकानों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग की है। इस दौरान देवनाथ यादव, माताप्रसाद शुक्ल, इलियास फौजी, भानुप्रताप सिंह, फिरोज गुर्जर, नवाब अली, मुन्नी देवी, द्रोपदी सोनकर, इस्माइल फौजी आदि मौजूद रहे।