गौरीगंज (अमेठी)। केंद्र की प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना से किसानों को बुढ़ापे में सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। किसानों को योजना से लाभान्वित किया जा सके इसके लिए डीएम ने कृषि विभाग को लघु व सीमांत किसानों को सामाजिक सुरक्षा कवच मुहैया कराने वाली इस स्वैच्छिक एवं अंशदायी पेंशन योजना के प्रति जागरूक कर जोड़ने को कहा गया है। योजना की सभी शर्तें पूरी करने वाले किसानों को 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद प्रति माह तीन हजार रुपये पेंशन दी जाएगी।
शासन के निर्देश पर डीएम अरुण कुमार ने कृषि विभाग को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। पत्र में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर जनपद के 18 से 40 वर्ष की आयु के लघु एवं सीमांत किसानों को सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने के साथ ही वृद्धावस्था में आजीविका के साधन मुहैया कराने के लिए स्वैच्छिक अंशदायी पेंशन योजना के प्रति जागरूक करते हुए पंजीकृत कराने को कहा गया है।
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने जिले के किसानों से लोकवाणी केंद्र या नजदीकी राजकीय बीज गोदाम से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी हासिल कर पंजीकरण कराने को कहा है। कृषि अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत कृषकों को आयु के आधार पर प्रति माह अंशदान जमा करना होगा। अंशदान की अवधि पूरी होने तथा कृषक की 60 वर्ष आयु पूरी होने के बाद प्रतिमाह तीन हजार रुपये पेंशन मिलेगी। पंजीकरण के दौरान किसान को आधार कार्ड, बैंक पासबुक संलग्न करना अनिवार्य होगा।
कृषि अधिकारी ने बताया कि निर्धारित तिथि के बाद कृषक की मौत हो जाने के बाद उसके जीवन साथी को पेंशन का 50 प्रतिशत मिलेगा। शासन की ओर से प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना के तहत कृषकों के नियमित निर्धारित अंश को जमा करने बाद 60 वर्ष आयु पूरी करने के बाद प्रति माह तीन हजार रुपये पेंशन राशि का भुगतान उनके बैंक खाते में होगा। इस पेंशन कोष का प्रबंधन भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से किया जाएग।
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि योजना में जिले के 1843 किसानों ने पंजीकरण कराया है। जिले में 3.64 लाख किसान हैं। शतप्रतिशत किसानों को योजना से जोड़ने के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। योजना से किसानों को बुढ़ापे में आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।