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कृषि कानून के खिलाफ जिले में बढ़ रहा आक्रोश

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अमेठी। नये कृषि कानून के खिलाफ जिले के किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को किसान संगठनों ने ब्लॉक से लेकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया। सपा व आप भी किसानों के समर्थन में उतर पड़ीं। किसानों ने कृषि कानून समाप्त करने की मांग करते हुए मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
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कृषि कानून के खिलाफ जिले में किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को किसानों ने विभिन्न संगठनों के बैनर तले ब्लॉक मुख्यालय से लेकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया। रेलवे स्टेशन से संयुक्त मोर्चा के बैनर तले राकेश कुमार, शिव कुमार, संजय कुमार व लाल बिहारी पांडेय की अगुवाई में तो रीता सिंह जनकल्याण समिति के बैनर तले रीता सिंह की अगुवाई में कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन करने वाले किसानों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के विरोध में नारे-बाजी की। कलेक्ट्रेट पहुंचीं महिला किसान डीएम को ज्ञापन देने की जिद पर अड़ते हुए धरने पर बैठ गईं।
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भादर ब्लॉक में टिकैत गुट के बैनर तले अंबुज तिवारी तो अमेठी में जिलाध्यक्ष चुुन्नू सिंह व तहसील प्रभारी बृजेश मिश्र की अगुवाई में धरना दिया गया। मुसाफिरखाना ब्लॉक में किसान क्रांति दल के बैनर तले कमला प्रसाद त्रिपाठी, बाजार शुकुल में शेष नाथ तिवारी व देवीदयाल शर्मा की अगुवाई में किसानों ने प्रदर्शन किया।
किसानों के प्रदर्शन के समर्थन में प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सपा जिलाध्यक्ष छोटेलाल यादव व विधायक प्रतिनिधि उमेश सिंह, कोषाध्यक्ष जैनुल हसन की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए धरना दिया तो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष शिव प्रसाद कश्यप की अगुवाई में कृषि कानून का विरोध किया।
सपा व आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार की गलत नीतियों के चलते एक ओर जहां छुट्टा मवेशी उनकी फसल चौपट कर रहे हैं वहीं भाजपा सरकार द्वारा किसानों को गेहूं, धान व गन्ना का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं दिया जा रहा है। नया कानून लाकर सरकार किसानों को पूंजीपतियों के हाथ बेचने का काम कर रही है।
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