फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

युवक का शव रख दिन भर किया बवाल

विज्ञापन
36 : संग्रामपुर : थाने में धरने पर बैठी महिलाएं। - संवाद - फोटो : AMETHI
विज्ञापन
संग्रामपुर (अमेठी)। पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार शाम युवक का शव घर पहुंचने पर शनिवार सुबह परिवारजन दोबारा आक्रोशित हो गए। परिवारीजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। मौके पर मौजूद सीओ के काफी प्रयास के बावजूद परिजन अंतिम संस्कार को नहीं राजी हुए। मृतक के घर की महिलाएं कई घंटे थाना परिसर में धरने पर बैठी रहीं। आखिरकार एसडीएम व सीओ के आश्वासन पर परिजन अंत्येष्टि के लिए राजी हुए।
विज्ञापन

स्थानीय थाना क्षेत्र के भौसिंहपुर गांव निवासी वंशीलाल गुप्ता का पुत्र अनिकेश उर्फ मदन पिछलेे चार अप्रैल से घर से गायब था। बृहस्पतिवार को मदन का शव थाने के समीप पशु अस्पताल के जर्जर भवन में एक फंदे से लटकता मिला था। मृतक के पिता वंशीलाल ने गांव की ही युवती साधना व उसके जीजा जवाहर लाल समेत कुछ अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर अनिकेश की हत्या कर शव को छिपा देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर दो नामजद और कई अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया था।
शुक्रवार शाम शव घर पहुंचने पर परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा दूसरे थाने से विवेचना कराने की मांग को लेकर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। परिजन शव घर पर रखकर गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। शनिवार सुबह परिजन घटनास्थल पर आ गए। पुलिस से उनकी नोकझोक भी हुई। संग्रामपुर एसएचओ परशुराम ओझा ने परिजनों पर ही मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी तो परिजनों का आक्रोश बढ़ गया। मृतक के घर की महिलाएं भी थाने पहुंच कर धरने पर बैठ गईं। सूचना पर पहुंचे एसडीएम संजीव कुमार मौर्य व सीओ मनोज यादव ने परिजनों को बताया कि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। इसके बाद शनिवार शाम परिजन अंतिम संस्कार करने को राजी हुए।
विज्ञापन

एसएचओ पर अभद्रता का आरोप
मृतक के पिता वंशीलाल ने आरोप लगाया कि वह प्रतिदिन थाने जा रहे थे। एसएचओ ने कोई सुनवाई नहीं की। आरोप लगाया कि शव के अंतिम संस्कार के लिए एसएचओ हम लोगों से लगातार अभद्रता कर हम लोगों पर ही फर्जी मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते रहे। हमें इनकी जांच पर भरोसा नहीं है।
पुलिस ने बंद कराईं दुकानें
मृतक के घर की महिलाएं शनिवार को विरोध करने थाने पहुंचीं तो थाने पर समाधान दिवस आयोजित था। भीड़ को देख वहां अफरातफरी मच गई। इसके बाद दिवस का कार्य प्रभावित हो गया। वहीं संग्रामपुर थाने से लेकर ब्लॉक तक की दुकानें लोगों का आक्रोश देखते हुए पुलिस ने बंद करा दीं। बैंक के पास भी खड़े लोगों को पुलिस ने हटा दिया। दिन भर मृतक के घर से संग्रामपुर बाजार तक पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें