अमेठी। पढ़ने का शौक रखने वालों के लिए राजकीय पुस्तकालय में सुविधाओं का अभाव है। बेहतर पुस्तकें, वाईफाई इंटरनेट और बैठने तक का इंतजाम सही नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों के अभाव के चलते युवा इससे दूरी बना रहे हैं। पुस्तकालय में सुविधा बढ़ाने की जरूरत है।
शहर के अमेठी-दुर्गापुर मार्ग पर स्थित राजकीय जिला पुस्तकालय में करीब 40 पाठक प्रतिदिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। पाठकों का कहना है कि आधुनिक जमाने में डिजिटल लाइब्रेरी चलाने की बात हो रही है, लेकिन इस पुराने पुस्तकालय में किसी सुविधा का विस्तार न होना चिंता का विषय है। यहां एकमात्र कंप्यूटर है, नई किताबें नहीं आतीं। पाठक केवल अखबार और पत्र-पत्रिकाएं ही पढ़ पाते हैं।
एक पाठक अजय बताते हैं कि वाईफाई की व्यवस्था नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का यहां से मोहभंग हो रहा है। जरूरी पुस्तकें, बैठने के लिए सही कुर्सी की व्यवस्था और कंप्यूटर सुविधाओं की कमी है। गर्मी के दिनों में यहां पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है। पुस्तकालय में करीब 40 कुर्सियां हैं, जबकि रोज यहां पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों की संख्या अधिक होती है। कुर्सियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। राजकीय पुस्तकालय प्रभारी डॉ. अनुज मौर्य ने बताया कि जो सुविधाएं हैं, पाठक उसी में तैयारी कर रहे हैं। वाईफाई लगाने के लिए पत्राचार किया गया है। जल्द ही लग जाएगा, जिसके बाद पाठकों को समस्या नहीं होगी।
डिजिटल जमाने में भी एकमात्र कंप्यूटर
पवन का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाएं अब कंप्यूटर आधारित हो गई हैं, लेकिन पुस्तकालय में छात्रों के उपयोग के लिए मात्र एक कंप्यूटर है। यहां कम से कम 20 कंप्यूटर वाली आधुनिक लैब की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि छात्र मॉक टेस्ट, ऑनलाइन पढ़ाई और ई-लर्निंग जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकें। कहा कि कंप्यूटर की संख्या बढ़ा दी जाए, इंटरनेट की व्यवस्था हो जाए तो छात्र तैयारी कर सकेंगे। नीट की तैयारी कर रहे शिवम तिवारी ने बताया कि पुस्तकालय में इंटरनेट की सुविधा नहीं है। इससे ऑनलाइन अध्ययन सामग्री लेने और मॉक टेस्ट देने में परेशानी होती है।
इन सुविधाओं की मांग
पुस्तकों की कमी दूर करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नई पुस्तकों का इंतजाम किया जाए। कंप्यूटर लैब की स्थापना, वाईफाई हाई-स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता और ई-लाइब्रेरी की सुविधा मिले। अध्ययन के लिए उपयुक्त माहौल तैयार किया जाए, पुस्तकालय को वातानुकूलित किया जाए। पुस्तकालय के संचालन समय में सुधार हो, परीक्षाओं के समय यह रविवार व अन्य महत्वपूर्ण अवकाश के दिन भी खुले। पुस्तकालय गेट पर नालियां गंदगी से पटी हैं, नालियों की सफाई कर इन्हें ढंका जाए।