अमेठी। लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद दूसरे दिन बृहस्पतिवार को शहर से लेकर गांव तक हर तरफ सिर्फ जीत-हार पर ही चर्चा होती दिखी। कहीं लोग अपने बूथ तो कहीं विधानसभा क्षेत्र वार जीत-हार के अंतर की समीक्षा करते दिखे। इस पर लोग अपनी-अपनी समझ से हारने और जीतने के पक्ष में राय रखते भी दिखाई पड़े।परिणाम आने के बाद जीत-हार की समीक्षा शुरू हो गई है। लोग भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी के हारने के कारण पर अपनी अलग-अलग बात रख रहे हैं। कहीं गुट बाजी तो कहीं भीतरघात के साथ कुछ अन्य कारण हार के बता रहे हैं। जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ वार भाजपा एवं कांग्रेस के प्रत्याशियों को मिलने वाले मतों की समीक्षा हो रही है। किस नेता ने अपने बूथ को जिताया है, और किस नेता के बूथ पर प्रत्याशी को हार मिली है। लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं कि जिले में भाजपा के तीन विधायक और सपा के दो विधायक जिनका पूरा परिवार भाजपा के समर्थन में प्रचार कर रहा था, उनके बूथ पर जीत-हार का अंतर क्या रहा, यह जानने की उत्सुकता ज्यादा दिख रही है।
बृहस्पतिवार को राजेश मिश्रा, सुदीप, विजय अग्रवाल, बबलू, शान मोहम्मद के बीच परिणाम पर चर्चा चल रही थी। कुछ लोग भाजपा प्रत्याशी के हारने और कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा भारी मतों से जीत हासिल करने पर अपनी अलग-अलग राय रख रहे थे।
कुछ तो कांग्रेस की गारंटी की बात तो कुछ गांधी परिवार के करीबी किशोरी लाल शर्मा के अमेठी में व्यक्तिगत व्यवहार कार्य से प्रभावित होने की बात कह रहे थे। भाजपा के हार पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी और दूसरी पार्टी के विधायकों के आने सहित अन्य कारण बताते दिखे।