अमेठी सिटी। भूमि व पारिवारिक विवादों सहित अन्य प्रकरणों के समाधान के लिए शनिवार को जिले के सभी थानों में समाधान दिवस आयोजित हुआ। फरियादियों की भीड़ सुबह से ही थानों में उमड़ पड़ी। अधिकारियों ने शिकायतें सुनीं और जांच के लिए टीमें गठित कीं।
गौरीगंज कोतवाली में ऐधी गांव निवासी सद्दीक ने शिकायत की कि कुछ लोग कब्रिस्तान की भूमि पर जबरन रास्ता खोलने और कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी गई। इसी गांव के मोनू ने बताया कि वे अपनी पुश्तैनी भूमि पर नया मकान बना रहे हैं, लेकिन विपक्षी निर्माण में बाधा डाल रहे हैं। इस मामले में भी टीम रवाना कर जांच शुरू कराई गई। समाधान दिवस में चार शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें एक का मौके पर निस्तारण किया गया। इस दौरान इंस्पेक्टर श्याम नारायण पांडेय सहित राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बाजारशुकुल में पाली ग्राम पंचायत के रामहेत, परीदीन, शंभू, सीताराम और रामसहाय ने बताया कि उन्हें वर्ष 1990 में पट्टा मिला था, लेकिन अब तक कब्जा नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने कहा कि वे कई बार थाना और तहसील के चक्कर लगा चुके हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही है। नायब तहसीलदार नम्रता मिश्रा ने राजस्व टीम गठित कर जांच कर कब्जा दिलाने का आश्वासन दिया।
कमरौली में पूरे भरथा मजरे रसूलपुर के मुश्ताक अहमद ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति ने ग्राम समाज की भूमि पर अवैध निर्माण किया है। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि चार बार समाधान दिवस में आने के बावजूद निर्माण नहीं रुका। थानाध्यक्ष मुकेश पटेल ने बताया कि दोनों पक्षों में पूर्व में समझौता हुआ था, लेकिन विपक्षी के न मानने से विवाद दोबारा खड़ा हो गया है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जगदीशपुर में कचनाव गांव निवासी तेज बहादुर ने शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2021 में उन्हें पट्टा मिला था, मगर अभी तक कब्जा नहीं मिला। वहीं शीतला प्रसाद ने रास्ते पर कब्जा करने की शिकायत की। अधिकारियों ने दोनों मामलों में जांच कर रिपोर्ट मांगी है।