बाजारशुकुल के सिधौली गांव में सार्वजनिक भूमि से हटाया गया अतिक्रमण।
बाजारशुकुल (अमेठी)। खलिहान व चकमार्ग के रूप में ग्रामसभा के खाते में दर्ज सुरक्षित भूमि से मंगलवार रात राजस्व टीम ने अवैध कब्जा हटवाया गया। रात के अंधेरे में जेसीबी न मिलने से आंशिक रूप से कब्जा हटवाने के बाद बाकी कब्जाधारकों को नोटिस देकर स्वयं 15 दिन में उसे हटाने का निर्देश दिया। कब्जा नहीं हटाने की दशा में कार्रवाई की चेतावनी दी।
बाजारशुकुल थाना क्षेत्र के सिधौली गांव में खलिहान व चकमार्ग के रूप में ग्रामसभा के खाते में दर्ज सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की गई थी। करीब एक माह पहले राजस्व टीम ने पैमाइश कर कब्जाधारकों को स्वत: कब्जा हटाने की बात कही थी, लेकिन कब्जाधारकों ने कब्जा नहीं हटवाया। इसपर गांव के प्रदीप कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जिला प्रशासन को कब्जा खाली करवाकर फोटो सहित रिपोर्ट देने को कहा।
इसके बाद देर शाम तहसीलदार राहुल सिंह राजस्व टीम व फोर्स संग मौके पर पहुंचे। दोबारा पैमाइश करवाने के बाद राजकरन के छप्पर सहित गांव निवासी रवि शंकर दुबे व संतशरण की चारदीवारी को लोगों की मदद से गिरवाते हुए कब्जा हटवाया। निर्माण में आरसीसी का प्रयोग होने व जेसीबी नहीं मिलने से अतिक्रमण पूरी तरह से नहीं हट पाया। इसपर नोटिस जारी कर 15 दिन में स्वत: खाली करने को कहा। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटवाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
प्रशासन पर लगाए आरोप
रवि कुमार ने तहसीलदार पर रात के अंधेरे में जबरन कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। कहा है कि विरोधियों से मिलकर उनका निर्माण गिरवाया गया है। जबकि सुरक्षित भूमि पर कई अन्य लोगों का निर्माण है। उन कब्जाधारकों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
वहीं, गांव निवासी पूर्व प्रधान भगवती प्रसाद ने बुधवार को तहसीलदार को शिकायती पत्र सौंपा। इसमें राजस्व टीम गठित कर सुरक्षित भूमि की पैमाइश करवाकर अतिक्रमण मुक्त किए जाने की मांग की। कहा कि पूरी कार्रवाई निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से हो।
नियमानुसार हुई कार्रवाई
तहसीलदार राहुल सिंह ने बताया कि सिधौली गांव में सुरक्षित भूमि से अतिक्रमण हटवाने में नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया है। कब्जाधारकों को पूर्व में नोटिस जारी किया गया था। बताया कि टीम शाम को चार बजे गांव पहुंची थी। लोगों के विरोध व जेसीबी नहीं मिलने से कब्जा हटवाने में ग्रामीणों की मदद ली गई है। इस दौरान अंधेरा हो गया था। रवि कुमार की ओर से लगाए गए आरोप निराधार हैं।