अमेठी। शहर के प्रमुख बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। फुटपाथ पर सजी दुकानों और सड़कों तक खड़े ठेलों के कारण राहगीरों को चलने के लिए जगह नहीं मिल रही है। इससे आए दिन जाम लगता है।
अमेठी कस्बे के गुड़ मंडी से गांधी चौक तक हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। बाजार में खरीदारी करने आने वाली महिलाएं, स्कूल जाने वाले छात्र और बुजुर्ग रोजाना इस अव्यवस्था से जूझते नजर आते हैं। भीड़ और वाहनों की आवाजाही के बीच पैदल चलना उनके लिए चुनौती बन गया है। बाजार में बैठे लोगों ने अपनी पीड़ा साझा की। विवेक यादव ने कहा कि रोज बाजार आना होता है लेकिन जाम और भीड़ में काफी समय बर्बाद हो जाता है।
रामजी गुप्ता ने बताया कि बच्चों के साथ बाजार आना जोखिम भरा हो गया है, क्योंकि फुटपाथ पूरी तरह कब्जे में हैं। रफीक का कहना है कि ठेले और दुकानों का सामान सड़क तक फैल जाता है, जिससे वाहन और पैदल चलने वालों के बीच टकराव का खतरा बना रहता है। अशोक ने कहा कि बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक है। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने समस्या के समाधान पर भी चर्चा की। कई लोगों ने नियमित अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की मांग की, जबकि कुछ ने ठेले और रेहड़ी वालों के लिए अलग स्थान तय करने का सुझाव दिया।
दुकानदारों का मानना है कि तय व्यवस्था लागू होने से बाजार की स्थिति सुधर सकती है। सीओ मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि अतिक्रमण के खिलाफ जल्द ही सख्त अभियान चलाया जाएगा।
केवल कार्रवाई नहीं, ठोस व्यवस्था जरूरी
सेवानिवृत्त शिक्षक सिद्ध कुमार तिवारी का कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ठोस व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि बाजार क्षेत्रों में फुटपाथ पूरी तरह खाली कराए जाएं, ठेले और रेहड़ी वालों के लिए अलग वेंडिंग जोन निर्धारित किया जाए और नियमित निगरानी सुनिश्चित हो। साथ ही दुकानदारों को भी नियमों का पालन करना होगा, तभी राहगीरों को वास्तविक राहत मिल सकेगी।