अमेठी कस्बे में सड़क की पटरी तक लगे ठेले। -संवाद
अमेठी। जिले की अलग-अलग बाजारों में सड़क और पटरी पर बढ़ता अतिक्रमण लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। समय-समय पर चलने वाले अभियानों में कब्जा हटता है, मगर कुछ दिन बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। सड़क और फुटपाथ पर सामान रखने से आवागमन प्रभावित रहता है और लोग जाम में फंसते हैं।
अमेठी कस्बे में नगर पंचायत, पुलिस और संबंधित विभागों ने एक वर्ष में कई बार संयुक्त अभियान चलाया। हनुमानगढ़ी से आंबेडकर तिराहे तक दुकानों के बाहर रखा सामान हटवाया गया। 29 मई को सुल्तानपुर मार्ग पर बड़े स्तर पर कार्रवाई हुई, जिसमें करीब 80 अवैध कब्जे हटाए गए। फुटपाथ को खाली कराया गया। कई पक्के और अस्थायी ढांचे भी हटाए गए। इसके बावजूद एक माह के भीतर फिर से कब्जा हो गया।
23 फरवरी को सीओ मनोज कुमार मिश्र के नेतृत्व में विशेष अभियान चला। इस दौरान 85 दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया गया। 20 दुकानदारों को समय दिया गया, मगर निर्देशों का पालन नहीं हुआ। बस अड्डे के पास नोटिस जारी होने के बाद भी स्थिति में खास बदलाव नहीं दिखा। हनुमानगढ़ी निवासी संजय तिवारी के अनुसार बाजार में अक्सर जाम लगता है और पैदल चलना कठिन हो जाता है।
एसडीएम कॉलोनी निवासी रीना वर्मा ने बताया कि नालों पर कब्जा होने से रास्ता प्रभावित रहता है। सीओ मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि अभियान लगातार चलेगा। दोबारा कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और निगरानी बढ़ाई जाएगी, जिससे बाजारों में व्यवस्था बनी रहे।
अस्थायी दुकानों के लिए तय हो स्थान
सेवानिवृत्त शिक्षक विजय कुमार के अनुसार अतिक्रमण हटाने के बाद नियमित निरीक्षण जरूरी है। बाजारों में सीमांकन तय हो और उसी दायरे में सामान रखने की अनुमति मिले। ठेला संचालकों के लिए अलग स्थान तय किया जाए। नियमों का उल्लंघन होने पर तुरंत जुर्माना लगे, तभी सुधार संभव है।