अमेठी। मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल बंद होने के बाद ज्वाइंट फोरम ऑफ डाॅक्टर्स पैरामेडिकल स्टॉफ एवं कान्ट्रैक्ट वर्कर्स ऑफ संजय गांधी अस्पताल के बैनर तले बेरोजगार आक्रोशित स्टाफ का क्रमिक सत्याग्रह अनशन बुधवार को जारी रहा। दूसरे दिन बुधवार को सत्याग्रह अनशन पर बैठे कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए लाइसेंस बहाली एवं संचालन की आवाज बुलंद की।
मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल के लाइसेंस बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलित कर्मचारियों का कहना है जनता की समस्या सुलझाने के बजाय राजनीति कर इसे उलझाया जा रहा है। अस्पताल को बंद कर कर्मियों, मरीजों एवं जनता के साथ विश्वासघात किया गया है।
अस्पताल के ऑपरेशन मैनेजर मनोकर्णिका मिश्र ने कहा कि शासन व प्रशासन की ओर से जल्दबाजी में की गई कार्रवाई न्यायोचित नहीं है। अस्पताल प्रशासन का पक्ष लेने के बाद ही इस पर निर्णय लेना चाहिए था। सरकार और न्यायालय पर उन्हें पूरा भरोसा है इसका संचालन जल्द शुरू होगा।
अस्पताल के वरिष्ठ कर्मचारी अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि अस्पताल डेढ़ करोड़ प्रतिवर्ष के घाटे में रहकर भी लोगों को लखनऊ जैसी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। यहां 35 वर्षों से कार्यरत हैं लाखों गंभीर से गंभीर मरीज यहां से ठीक होकर गए हैं। अस्पताल का संचालन शुरू कराया जाना चाहिए। कर्मचारी संघ अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि यदि संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस बहाल नहीं होता तो हम लोग अपनी अंतिम सांस तक आर पार की लड़ाई लड़ेंगे।
इस मौके पर संजय सिंह, अरविंद श्रीवास्तव, चंद्रभान पांडेय, विनोद कुमारी सिंह, विपिन श्रीवास्तव, बृजेश कुमार सिंह, सीमा यादव, अवधेश तिवारी, सूरज शुक्ल, शिवांशु, मंजू नायर, शिव प्रकाश, साधना, कामाख्या, गुड्डी देवी, ममता समेत कर्मचारी संघ पैरामेडिकल स्टाफ नर्सिंग स्टाफ समेत कॉन्ट्रैक्ट वर्कर मौजूद रहे।
बोले जिम्मेदार
एडविन मैनेजर सुरेश कुमार सिंह राजपूत ने बताया कि शासन एवं प्रशासन की ओर से 90 दोनों का समय देते हुए नोटिस जारी की गई थी। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। 24 घंटे के ही अंदर कार्यवाही कर अस्पताल को बंद कर दिया गया। कहा कि स्टाफ को समझा बुझाया जा रहा है। कहा कि सरकार और न्यायालय से सभी को न्याय मिलेगा।