फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amethi News: कर्मचारियों ने कराई थी 24 लाख की साइबर ठगी

Tue, 11 Mar 2025 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
विज्ञापन
विज्ञापन
अमेठी सिटी। मोहनगंज और इन्हौना थाना क्षेत्र की रस्तामऊ व इन्हौना ग्राम पंचायत की ग्राम निधि व स्वच्छ भारत मिशन के खातों से 24 लाख रुपये की साइबर ठगी का मोहनगंज व इन्हौना पुलिस के साथ स्वाट, सर्विलांस टीम ने खुलासा कर दिया है। टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर शत प्रतिशत धनराशि रिकवर करने के साथ ही कई खातों को फ्रीज कर दिया है। आरोपियों के पास मिले लैपटॉप आदि को जब्त कर पुलिस जांच में जुटी है। साइबर ठगी के आरोपियों में पंचायतीराज विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ अन्य विभागीय कर्मचारी शामिल हैं।
विज्ञापन



मोहनगंज की रस्तामऊ और इन्हौना थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत इन्हौना की ग्राम निधि व स्वच्छ भारत मिशन के खातों से करीब 24 लाख रुपये की ठगी का मामला प्रकाश में आया था। ग्राम प्रधान व सचिव की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी के निर्देश पर मामले के खुलासे के लिए थाना मोहनगंज प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह, स्वाट व सर्विलांस टीम प्रभारी एसआई अनूप कुमार सिंह, इन्हौना थानाध्यक्ष एसआई अमरेंद्र सिंह की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने मुखबिर की सूचना पर बाजारशुकुल के तेदुआ गांव निवासी अमरेश कुमार, अमेठी थाना क्षेत्र के पूरे गेंदई निवासी आदित्य, हरदोई के थाना मलावा के गांव बंदीपुर निवासी शिवपूजन व गौरीगंज के काजीपट्टी गांव निवासी सिरताज अहमद उर्फ सिराज अहमद को गिरफ्तार किया।


पकड़े गए आरोपी अमरेश के पास से एक लैपटाप, मोबाइल, आदित्य के कब्जे से एक मोबाइल, शिवपूजन यादव के कब्जे से दो डोंगल डीएससी व एक मोबाइल, एक बैग, दो चेकबुक एक्सिस बैंक व एचडीएफसी बैंक, एक पासबुक यूनियन बैंक की आदित्य के नाम से और सिरताज अहमद उर्फ सिराज अहमद के कब्जे से एक मोबाइल व नकदी बरामद हुई। मोहनगंज प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी में निकाली गयी लगभग शत-प्रतिशत धनराशि रिकवर कर ली गई है। वहीं, विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कराया गया है। आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन




अमरेश करता था संविदा पर ब्लॉकों में काम
पुलिस की पूछताछ में अमरेश कुमार ने बताया वह पहले संविदा पर ब्लॉकों में काम करता था। इस दौरान डीपीआरओ कार्यालय के तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर सिराज अहमद उर्फ सिरताज अहमद से मुलाकात हुई। सिराज अहमद ने उससे कहा कि किसी दोस्त के नाम से एक डोंगल बनवा लो, फिर आगे मैं काम बताता रहूंगा। इस पर उसने अपने दोस्त शिवपूजन यादव के आधार कार्ड व पैन कार्ड से एक फर्जी डोंगल बनवा लिया। सिराज अहमद पेमेंट का पासवर्ड उपलब्ध कराता था, जिसके माध्यम से शिवपूजन के नाम से शांती आयुर्वेदा एसोसिएट्स के एचडीएफसी बैंक खाते में लाखों रुपये डाल लिए। इन पैसों को ब्रोकर के माध्यम से शेयर मार्केट में लगा दिया।


इन तिथियों में स्थानांतरित की गई धनराशि
पकड़े गए आरोपी अमरेश कुमार ने पुलिस को बताया कि पांच मार्च को सभी लोगों ने मिलकर सिराज अहमद की मदद से इन्हौना ग्राम प्रधान के खाते से 9,85,000 रुपये शांती आयुर्वेदा एसोसिएट्स के खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। इसमें से शिवपूजन ने 9,50,000 रुपये नकद दे दिए थे। इसमें से 50,000 रुपये का लैपटाप खरीदा गया था। वहीं, शेष 9,00,000 रुपये अपने साले आदित्य के अकाउंट में जमा कर दिए थे। कहा कि आदित्य को बताया कि उक्त रुपये ग्राम पंचायत इन्हौना के खाते से निकाले गए हैं, जिसमे से 5,00,000 रुपये शेयर मार्केट के डीमैट अकाउंट में डाल देना जो फायदा होगा आपस में बांट लेंगे। शेष रुपये में से 10,000 रुपये खर्च हो गए हैं। सात मार्च को उक्त सभी लोगों ने मिलकर ग्राम पंचायत रस्तामऊ के केंद्रीय वित्त खाते से तीन बार में कुल 14,60,775 रुपये निकालने के लिए ट्रांजेक्शन किया था, जिसमें से एक ट्रांजेक्शन 85,775 रुपये का कैंसिल हो गया था। खाते से कुल 13,75,000 रुपये निकाले थे, जो शिवपूजन आदि के खाते में डाल दिए थे। इसमें से शिवपूजन ने 45,000 रुपये अपने एक्सिस बैंक के खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। शेष रुपये में से 25,000 रुपये खर्च हो गए थे। शेष रुपये शिवपूजन के खाते में जमा हैं।


कंप्यूटर ऑपरेटर ने मांगा था 40 प्रतिशत हिस्सा
डीपीआरओ कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर बाबू सिरताज अहमद उर्फ सिराज अहमद ने बताया कि उसने यूजर आईडी व पासवर्ड अमरेश को बताया था। बदले में यह तय हुआ था कि जो भी रुपये मिलेंगे, उसका 40 प्रतिशत वह लेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें