अमेठी सिटी। अब परिषदीय विद्यालयों में भी पढ़ाई का तरीका कॉन्वेंट स्कूलों जैसा होगा। जिला स्तर पर नई समय सारिणी लागू कर दी गई है। इसके तहत प्रत्येक कक्षा का समय 40 मिनट तय किया गया है और भोजन के लिए 30 मिनट का अवकाश रहेगा। इस बदलाव का मकसद शिक्षण व्यवस्था को व्यवस्थित करना और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है।
जिले में कुल 1510 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 1.36 लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। सभी विद्यालयों में अब आठ विषयों की कक्षाएं नियमित रूप से कराई जाएंगी। सुबह का आरंभ 15 मिनट की प्रार्थना सभा से होगा, जिसमें योग, समाचार वाचन और अनुशासन पर विशेष जोर रहेगा। उसके बाद पीरियड शुरू होंगे। प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पूरे सप्ताह का टाइम टेबल तैयार कर नोटिस बोर्ड पर चस्पा करेंगे, ताकि अभिभावकों और निरीक्षण टीम को इसकी जानकारी मिल सके। हर पीरियड की शुरुआत पिछली पढ़ाई की पुनरावृत्ति से होगी, बीच का समय नए पाठ पर केंद्रित रहेगा और अंत में संक्षिप्त दोहराव अनिवार्य होगा।
कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों के लिए हिंदी और गणित विषय का विशेष प्रावधान किया गया है। इन विषयों के लिए प्रतिदिन 120 मिनट का समय सुनिश्चित किया गया है। शनिवार को गतिविधि आधारित शिक्षण होगा, जिससे बच्चों में रचनात्मकता और सीखने की रुचि बढ़े। भोजन अवकाश 10:15 से 10:45 बजे तक तय किया गया है। इसमें बच्चों को बैठाना, भोजन वितरण और कक्षा में वापसी शामिल रहेगी। प्रधानाध्यापक शिक्षकों की उपलब्धता देखते हुए विषयों का बंटवारा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मासिक पाठ्यक्रम समय से पूरा हो।
नई समय सारिणी के अनुसार सुबह 8:15 बजे पहली कक्षा शुरू होगी, जो 8:55 बजे तक चलेगी। दोपहर भोजन से पहले तीन पीरियड होंगे। लंच के बाद पांच पीरियड संचालित किए जाएंगे। इस प्रकार एक कार्यदिवस में कुल आठ पीरियड में पढ़ाई कराई जाएगी।
बेहतर होगी शिक्षण व्यवस्था
प्राइवेट स्कूलों की तरह सरकारी विद्यालयों में भी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई समय सारिणी से शिक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी। हाल में आए निर्देश के अनुसार सभी विद्यालयों में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।
- संजय कुमार तिवारी, बीएसए