अमेठी। दुष्कर्म के केस में जेल में बंद अखिलेश सरकार के सबसे ताकतवर मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। बुधवार सुबह ईडी ने शहर के आवास विकास कॉलोनी स्थित पूर्व खनन मंत्री व टिकरी गांव स्थित उनके चालक रामराज यादव उर्फ छोटू के आवास पर छापा मारा।
सुबह सात बजे एक साथ दोनों जगहों पर पहुंची टीम पौने तीन बजे बाहर निकली। टीम के अफसर दोनों के आवास से कई बैग में भरकर दस्तावेज अपने साथ ले गए हैं।
अखिलेश सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति रेप के एक केस में पिछले ढाई वर्ष से अधिक समय से जेल में हैं। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय मनी लांड्रिंग के मामले में गायत्री प्रसाद प्रजापति की जांच करने में जुटी है। सोमवार सुबह प्रयागराज से निकली ईडी की दो टीमें जिला मुख्यालय गौरीगंज पहुंचीं।
जहां डीएम अरुण कुमार व एसपी दिनेश सिंह को छापे के बारे में जानकारी देने व सुरक्षा लेने के बाद निकली एक टीम सात बजे शहर के आवास विकास कॉलोनी स्थित पूर्व मंत्री के आवास तो दूसरी टीम टिकरी गांव स्थित पूर्व मंत्री के निजी वाहन चालक रामराज यादव उर्फ छोटू के घर पहुंचीं।
दोनों के घर पहुंचीं टीमें मुख्य द्वार खुलते ही धड़-धड़ाकर अंदर घुस गई। टीम ने पूर्व मंत्री के आवास में मौजूद उनके सहयोगी हरिलाल प्रजापति व नौकर राम टहल तो रामराज के घर में पहले से मौजूद परिवारीजनों को एक स्थान पर बैठा दिया। अफसरों ने दोनों स्थानों पर सभी कमरों व अलमारियों के तालों की चाभी मांगी।
जिन कमरों और आलमारी की चाभी नहीं मिली ईडी के अफसरों ने उन्हें तोड़ दिया। ईडी ने पूर्व मंत्री व उनके चालक के आवास में आलमारी व बक्सों में रखे तमाम दस्तावेजों को बारीकी से खंगाला। अफसरों ने उसमें से कई दस्तावेजों की मूल तो कई की छाया प्रति कराकर अपने साथ लाए गए बैग में रख लिया।
दोपहर बाद पौने तीन बजे दोनों घरों से बाहर निकलते समय ईडी के अफसर यह बैग अपने साथ ले गए। जांच पूरी कर निकलते समय भी ईडी के अफसरों ने सिर्फ इतना कहा कि वे मनी लांड्रिंग के मामले की जांच से जुड़े दस्तावेज खंगालने यहां आए थे। इसके आगे कुछ भी बताने से उन्होंने इंकार किया।
बुधवार सुबह आवास विकास के लोग सोकर उठे तो उन्हें पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के घर के पास हलचल नजर आई। लोग वहां जाने लगे तो पहले से मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें हटा दिया। लोगों की निगाहें गायत्री के घर पर लगी रहीं जब तक ईडी के अफसरों के वाहन वहां से वापस नहीं लौट गए। तकरीबन यही स्थिति टिकरी गांव स्थित पूर्व मंत्री के चालक रामराज के घर के आसपास भी रही।
ईडी की टीम में शामिल अफसरों के बाहर निकलते ही पूर्व मंत्री के नौकर राम टहल ने मुख्य द्वार बंद कर लिया। छापामारी के दौरान ईडी ने क्या किया। मीडिया के इस सवाल पर उनके नौकर व उनके सहयोगी हरिलाल ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
हालांकि टिकरी में पूर्व मंत्री के चालक रामराज की पत्नी रीना ने बताया कि ईडी ने उन अलमारियों व बक्सों का ताला तोड़ दिया जिनकी चाभियां नहीं मिलीं। बताया कि ईडी के अफसर आलमारी व बक्से में रखे कई दस्तावेज अपने साथ ले गए हैं।
पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के आवास विकास स्थित आवास पर इसके पहले भी दो बार छापामारी हुई है। पहली बार रेप के केस में नामजद गायत्री की गिरफ्तारी के लिए मार्च 2017 में लखनऊ पुलिस ने उनके घर छापामारी की थी।
इसके बाद 12 जून 2019 को सीबीआई ने अवैध खनन के मामले में पूर्व मंत्री के आवास विकास कॉलोनी स्थित दो आवास और जनसंपर्क कार्यालय पर छापा मारा था। इस दौरान सीबीआई के अफसर कई कंप्यूटर की हार्ड डिस्क व दस्तावेज अपने साथ ले गए थे।