तिलोई/सिंहपुर/शाहगढ़। लगातार हो रही बारिश के चलते आठ ड्रेनें उफान पर हैं, जिसकी वजह से 100 से अधिक गांवों के किसानों की 12 हजार बीघे फसल जलमग्न हो गई है। ड्रेनों की सफाई न होने के चलते किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। फसल नष्ट होने की आशंका के चलते किसान मायूस हो गए हैं।
पखवारे भर से हो रही बारिश से ड्रेनों में जमा पानी निकलने की बजाय खेतों में भर गया है। भुसैला, मूंगताल, इन्हौना, गुमिया, हंसवा, अड़वारा और अब्दहा ड्रेन उफान पर हैं। 10 किमी लंबी भुसैला ड्रेन से सात गांवों के किसानों की एक हजार बीघे फसल डूब गई है। 40 किमी लंबी मूूंगताल ड्रेन से 12 गांवों के किसानों की 1,300 बीघे फसल डूब गई है।
वहीं, 30 किमी लंबी इन्हौना ड्रेन से 14 गांवों के किसानों की 1,400 बीघे फसल डूब गई है। 45 किमी लंबी गुमिया ड्रेन से 16 गांवों के किसानों की 2,600 बीघे फसल डूब गई है। आठ किमी लंबी अब्दहा ड्रेन से पांच गांवों के किसानों की 500 बीघे फसल डूब गई है। आठ किमी लंबी हंसवा ड्रेन से पांच गांवों के किसानों की 700 बीघे फसल जलमग्न हो गई है।
छह किमी लंबी अड़वारा ड्रेन से 10 गांवों के किसानों की 800 बीघे फसल डूबकर लगभग नष्ट हो चुकी है। 52 किमी लंबी गुलालपुर ड्रेन के उफनाने से शाहगढ़ क्षेत्र के 20 गांवों की करीब तीन हजार बीघे फसल सड़ने की स्थिति में पहुंच गई है।
किसान सुरेंद्र सिंह के मुताबिक पूरे नन्हू दुबे, पूरे हरपाल बैस, हरिहरपुर, राजस्व ग्राम जगदीशपुर, पूरे बढ़ई, पूरे लखपति व राजस्व ग्राम टोडरपुर के किसानों की फसल खराब हो गई है। किसानों के अनुसार अब्दहा ड्रेन की खोदाई लगभग 10 वर्षों से नहीं कराई गई है। खेखरुआ निवासी किसान नरसिंह बताते हैं कि बारिश बंद होने के बाद पानी कम होता है, लेकिन फिर से बारिश होने से पहले वाली स्थिति हो जाती है। जलभराव रहने से धान की फसल बर्बाद हो गई है।
किसानों को दिलाएंगे मुआवजा
बारिश से फसलों के प्रभावित होने की जानकारी पर हल्का लेखपाल को निर्देश दिया गया है। जल्द ही नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेज कर किसानों को मुआवजा राशि दिलाई जाएगी।
- अर्पित गुप्ता, एडीएम