अमेठी सिटी। खाद की किल्लत के बीच बृहस्पतिवार देर रात गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर 70,500 बोरी इफको यूरिया की रैक पहुंच गई। शुक्रवार सुबह कई समितियों व इफको सेंटरों पर यूरिया पहुंची, लेकिन समितियों को कोड नहीं मिलने से वहां वितरण शुरू नहीं हो सका। ऐसे में समितियों पर सन्नाटा पसरा रहा।
वहीं, कई साधन सहकारी समितियाें व इफको केंद्रों पर यूरिया नहीं है। बड़े इफको सेंटरों पर किसान यूरिया पाने के लिए सुबह से शाम तक पसीना बहा रहे हैं, तब उन्हें दो बोरी खाद मिल पा रही है।
गौरीगंज इफको सेंटर पर शुक्रवार को 1,638 बोरी यूरिया पहुंची। यहां 500 से अधिक किसान यूरिया लेने पहुंचे। दोपहर करीब एक बजे पलिया निवासी किसान अमरनाथ ने बताया कि कई दिनों से वह यूरिया के लिए चक्कर काट रहे हैं। सुबह सात बजे वह सेंटर पर पहुंच गए, पांच घंटे बाद दो बोरी ही यूरिया मिल पाई। इसी तरह अनीता, अभिषेक, प्रिंस, रामबरन, निर्मला, देव नारायण सहित अन्य किसानों ने बताया कि सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हैं। अब नंबर आने वाला है।
गौरीगंज स्थित माधोपुर साधन सहकारी समिति पर शुक्रवार सुबह यूरिया पहुंच गई थी, लेकिन यहां कोड नहीं मिलने से वितरण शुरू नहीं हो पाया। अमेठी इफको सेंटर पर भी किसानों की लंबी कतार दिखी। इसके अलावा साधन सहकारी समिति दुलापुर, चंदौकी, पनियार, खेरौना, राजापुर अमेरुआ आदि पर यूरिया नहीं पहुंच पाई थी। ऐसे में किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, निजी दुकानदार किसानों की मजबूरी को देखते हुए अधिक दाम पर यूरिया बेचने के साथ जिंक आदि दे रहे हैं।
106 सेंटरों पर जाएगी 55000 बोरी यूरिया
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने बताया कि 70,500 बोरी की इफको यूरिया रैक आई है। 75 समितियों व 31 इफको केंद्रों पर 55,000 बोरी से अधिक यूरिया रैक से सीधे भेजी जा रही है। शेष यूरिया बफर स्टॉक में रखी जाएगी। जिन केंद्रों पर यूरिया का स्टॉक खत्म होगा, वहां तत्काल बफर स्टॉक से भेजी जाएगी।