अमेठी। अस्पताल की ओपीडी खुलने से पहले ही मरीजों की कतार लग जाती है। कोई तेज बुखार से परेशान है तो कोई सांस लेने में तकलीफ से। किसी की चिंता अपने बुजुर्ग परिजन को लेकर है तो कोई बच्चे का हाथ थामे डॉक्टर के कक्ष के बाहर इंतजार करता है। ऐसे हर चेहरे की उम्मीद उस सफेद कोट पर टिकी होती है, जो केवल बीमारी का इलाज नहीं करता, बल्कि मरीज के मन का डर और परिवार की चिंता भी समझता है।
बदलती जीवनशैली और नई स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच चिकित्सकों की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। विश्व डॉक्टर दिवस पर जिले के ऐसे चिकित्सक चर्चा में हैं, जिन्होंने इलाज को केवल पेशा नहीं बल्कि सेवा का माध्यम बनाया है। संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल, फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय, फिजिशियन डॉ. अमित यादव और सीएचसी फूला के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजमणि वर्मा अपनी कार्यशैली, संवेदनशील व्यवहार और सेवा भावना से मरीजों का भरोसा लगातार मजबूत कर रहे हैं।
सुधारीं जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल वर्ष 1994 से चिकित्सा सेवा में हैं। उन्नाव और सुल्तानपुर में सेवाएं देने के बाद उन्होंने संयुक्त जिला अस्पताल अमेठी की जिम्मेदारी संभाली। उनके नेतृत्व में अस्पताल में सफाई, मरीजों को समय पर उपचार, संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर लगातार काम हुआ। हाल ही में उनका चयन अपर निदेशक पद पर हुआ है, जिसे उनकी कार्यकुशलता और लंबे अनुभव का सम्मान माना जा रहा है।
मरीजों से करते हैं सहज व्यवहार
फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय वर्ष 2014 से चिकित्सा सेवा में हैं। उनका मानना है कि सही उपचार की शुरुआत मरीज की पूरी बात सुनने से होती है। इसलिए वह पहले मरीज की समस्या को समझते हैं और फिर बीमारी के अनुरूप उपचार तय करते हैं। उनका सहज व्यवहार और मुस्कराकर मरीजों से संवाद करना लोगों के बीच उनकी अलग पहचान बना चुका है।
समय पर सही इलाज ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी
फिजिशियन डॉ. अमित यादव ओपीडी से लेकर वार्ड तक मरीजों की लगातार निगरानी करते हैं। गंभीर मरीजों के उपचार में विशेष रुचि लेते हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मरीज का विश्वास बनाए रखना और समय पर सही उपचार देना है। स्वस्थ होकर घर लौटते मरीज की मुस्कान को वह अपने काम का सबसे बड़ा पुरस्कार मानते हैं।
इलाज के साथ दे रहे स्वस्थ जीवन का संदेश
राजाफत्तेपुर। पीएचसी फूला के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजमणि वर्मा वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। वह इलाज के साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, संतुलित आहार, योग और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति लोगों को जागरूक करते हैं। उनका कहना है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है। उनके अनुसार डॉक्टर का दायित्व केवल दवा देना नहीं, बल्कि मरीज का मनोबल बढ़ाकर स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करना भी है।