अमेठी सिटी। आयुष्मान भारत को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एक और निगरानी बढ़ा दी है। यदि किसी भी निजी अस्पताल में आयुष्मान मरीज को भर्ती किया जाता है या उसकी सर्जरी की जाती है तो संबंधित चिकित्सक को मरीज के साथ सेल्फी लेनी पड़ेगी। जीपीएस पर लाइव लोकेशन अपडेट करके उसे पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसको लेकर विभागीय अधिकारियों ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिले में आयुष्मान भारत के तहत 40 सरकारी व 15 निजी अस्पताल पंजीकृत है। अब तक पांच लाख 68 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। जबकि 29 हजार 460 का आयुष्मान से इलाज किया जा चुका है। बीते दिनों उच्च स्तर पर चिकित्सकों पर मिली शिकायत के बाद निगरानी का घेरा और सख्त कर दिया गया है।
आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनूप तिवारी कहते हैं कि आयुष्मान भारत से आच्छादित निजी अस्पताल में यदि किसी आयुष्मान मरीज का इलाज होता है तो वहां पर उसका इलाज करने वाले चिकित्सक को मरीज के साथ सेल्फी लेनी होगी। जिससे चिकित्सक का चेहरा स्पष्ट हो। लाइव लोकेशन भी शेयर करनी होगी। इसके बाद ही पोर्टल पर क्लेम अपलोड हो सकेगा। इसमें किसी भी प्रकार की खामी पर क्लेम अपने आप निरस्त हो जाएगा। उस केस की पूरी रिपोर्ट सीएमओ के पास पहुंचेगी, जिसके आधार पर सीएमओ जांच करके रिपोर्ट देंगे। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि सभी अस्पतालों को इसका अनुपालन करने को कहा गया है।
तीन निजी अस्पताल सूची से हटे
- आयुष्मान भारत की सूची में पहले 18 निजी अस्पताल थे। बीच में मालिकाना विवाद का मामला सामने आने के बाद कार्रवाई की गई। इसके आधार पर तीन अस्पतालों को हटा दिया गया है।