जगदीशपुर के जलालपुर गांव स्थित कोटे की दुकान में गेहूं की जांच करते डीएम। सूचना विभाग
अमेठी सिटी। जगदीशपुर के जलालपुर तिवारी गांव में जरूरतमंदों के लिए भेजे गए गेहूं में मिलावट का मामला बृहस्पतिवार को प्रशासन ने संज्ञान में लिया। डीएम संजय चौहान गांव पहुंचे और राशन की दुकान का औचक निरीक्षण किया। प्रथमदृष्टया मिलावट की पुष्टि होने पर उन्होंने जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी। डीएम ने रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश भी दिया है। अमर उजाला में मिलावटखोरी की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन कार्रवाई के लिए आगे आया है।
जिलाधिकारी दोपहर करीब एक बजे जलालपुर तिवारी गांव पहुंचे। उनके सामने अन्नपूर्णा भवन में राशन की बोरियों को खुलवाया गया, जिनमें नमक जैसी सामग्री और मिट्टी के ढेले मिले। डीएम ने कहा कि यह गरीबों के साथ अन्याय है और इसमें लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि इस तरह की शिकायत मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर राशन की जांच कराएं। गड़बड़ी मिले तो अनाज बदलकर साफ-सुथरा राशन दिया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि क्या पहले भी ऐसी गड़बड़ी हुई थी। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है, लेकिन अब उन्हें सरकारी आपूर्ति पर भरोसा नहीं रहा। डीएम ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही या भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों ने गरीबों के हक पर हाथ डाला है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
24 घंटे में मांगी रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने पूरे मामले की गहन जांच के लिए एक उच्चस्तरीय टीम गठित की है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अर्पित गुप्ता के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी मुसाफिरखाना अभिनव कनौजिया, जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत और खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजेश्वर सिंह इसकी जांच कर रहे हैं। टीम को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
खबर प्रकाशित हाेने के बाद जागे अफसर
जलालपुर तिवारी गांव में मंगलवार को राशन में मिलावट का प्रकरण सामने आया। प्रधान राहुल शर्मा ने उसी दिन मिलावट की शिकायत सप्लाई इंस्पेक्टर से की, लेकिन बुधवार दोपहर तक कोई नहीं आया। प्रधान ने राशन में मिलावट का जो वीडियो बनाया था, उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में गेहूं की बोरियों में निकली मिट्टी-नमक शीर्षक से खबर प्रकाशित की, जिसका संज्ञान लेकर अफसरों ने जांच शुरू कराई है।