बाजार शुकुल/जगदीशपुर (अमेठी)। दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक डीजे संचालक युवक मुमताज अहमद और नमाज पढ़ने जा रहे बुजुर्ग मुस्तकीम की मौत हो गई। पहला हादसा बुधवार देर शाम इन्हौना-रुदौली मार्ग पर और दूसरा बृहस्पतिवार सुबह जगदीशपुर-रायबरेली मार्ग पर हुआ।
बाजारशुकुल के संसारपुर गांव निवासी मुमताज अहमद (30) बुधवार को बाइक से किसी समारोह में जा रहे थे। इन्हौना-रुदौली मार्ग पर तेंदुआ गांव के पास स्थित धर्म कांटा के समीप उनकी बाइक अचानक सड़क पर आए एक वनरोज से टकरा गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंचे परिजन उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल ले जाने के दौरान ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। एसओ बाजारशुकुल अभिनेष कुमार ने बताया कि इस मामले में परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। पुलिस के अनुसार हादसे के समय बाइक सवार ने हेलमेट नहीं पहना था। इसी कारण उसके सिर में गंभीर चोट आई।
वहीं, बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे मुबारकपुर गांव निवासी मुस्तकीम (70) नमाज पढ़ने साइकिल से जामा मस्जिद, पालपुर जा रहे थे। गुलाबगंज चौराहे के पास वह पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आकर घायल हो गए। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से भाग निकला। घायल मुस्तकीम को ट्रॉमा सेंटर जगदीशपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर धीरेंद्र यादव ने बताया कि इस मामले में परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान की कोशिश की जा रही है।
गांव में पसरा मातम
बाजार शुकुल। डीजे संचालक मुमताज अहमद की मौत की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी आसमां बानो बेसुध हो गईं। सात साल का बेटा जैद और तीन साल की बेटी अनया भी अपने अब्बू को पुकारते हुए बिलख रहे हैं। पिता मेराज अहमद ने बताया कि मुमताज की मेहनत से घर की रोजी रोटी चलती थी। अब घर का सहारा टूट गया है। हादसे से पूरे गांव में मातम पसरा है।
शादी की तैयारियों के बीच आई मौत की खबर
मुस्तकीम की मौत से परिवार टूट गया है। बेटा बबलू जो घर पर मौजूद था, सदमे में है। बबलू के अलावा उनके दो बेटे असलम और आमिर मंगलवार को ही सूरत के लिए निकले थे, बड़ौदा पहुंचते ही उन्हें यह दुखद समाचार मिला। शादीशुदा बेटियां आयशा, अफसाना और उड्डी पिता की मौत की खबर से बेसुध हो गईं। पांच दिन पहले ही घर में दो बेटों की शादी तय हुई थी, लेकिन पिता का सपना अधूरा रह गया।