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Amethi News: जिला अस्पताल व सीएचसी गौरीगंज सौर ऊर्जा से होंगे रोशन

Tue, 18 Mar 2025 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी सिटी। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीगंज सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। यहां सोलर प्लांट लगने के बाद मरीजों को बिजली कटौती से होने वाली परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। नेडा की ओर से सर्वे का काम पूरा हो गया है। सोलर सिस्टम होने से भारी भरकम बिजली बिल भी नहीं आएगा।
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गौरीगंज के असैदापुर स्थित मलिक मोहम्मद संयुक्त जिला अस्पताल 100 बेड का है। अस्पताल में आधुनिक उपकरण से लैस पैथोलॉजी, हीमो डायलिसिस, ब्लड बैंक, अल्ट्रासाउंड जांच, एनआईसीयू, एमएससीयू, वेंटिलेटर युक्त वार्ड हैं। अत्याधुनिक मशीनों वाले ऑपरेशन थियेटर, एक लेबर रूम, बच्चों के लिए निकू वार्ड, लिफ्ट भी लगाई गई है। इतना ही नहीं मरीजों की सुविधा के लिए हर वार्ड में लाइट और पंखों के साथ कूलर व एसी भी लगे हैं, जबकि पास में संचालित सीएचसी गौरीगंज में सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे मशीन स्थापित है।


अभी बिजली कटौती होने पर मरीजों को जांच के लिए इंतजार करना पड़ता है। बिजली बिल कम करने के लिए व मरीजों को राहत देने के लिए अस्पताल में एक हजार किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया है। सोलर प्लांट में बैकअप की सुविधा होने से 24 घंटे अस्पताल व सीएचसी को बिजली आपूर्ति मिलती रहेगी। यूपी नेडा सोलर प्लांट लगवाएगा। कार्यदायी संस्था का चयन हो गया है और सर्वे का काम भी पूरा हो चुका है।
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जनरेटर से होने वाले प्रदूषण को रोका जा सकेगा

अब तक जिला अस्पताल व गौरीगंज सीएचसी में बिजली सप्लाई नहीं होने पर जनरेटर का प्रयोग किया जाता है। जनरेटर के चलने से धुआं और ध्वनि प्रदूषण फैलता है। इससे मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। सौर ऊर्जा प्लांट लगने के बाद इस समस्या से निजात मिलेगी।





दो लाख मासिक बिजली बिल से मिलेगी मुक्ति

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक साल भर में जिला अस्पताल का बिल लगभग 25 लाख रुपये का आता है। सौर ऊर्जा पैनल लगाने के बाद बिजली बिल के खर्च से राहत मिलेगी। अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक आपातकालीन स्थिति के लिए बिजली कनेक्शन के साथ जनरेटर भी रहेगा। सोलर प्लांट के चलने से हर महीने बिजली बिल के दो लाख रुपये बचेंगे।




नामित संस्था की ओर से होगी स्थापना
अस्पताल में शासन स्तर से ही सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किया जा रहा है। पूरे अस्पताल की बिजली सौर ऊर्जा से संचालित होगी। नेडा की ओर से नामित संस्था सौर ऊर्जा प्लांट की स्थापना करेगी। प्लांट लगने के बाद जांच व उपचार के दौरान बिजली कटौती होने पर होने वाली परेशानी से पूरी तरह निजात मिलेगी।
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डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल, सीएमएस
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