जगदीशपुर (अमेठी)। साबरमती एक्सप्रेस में बुधवार को हुई घटना ने एक बार फिर ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों की सुरक्षा सवाल उठा दिए हैं। अहमदाबाद से सुल्तानपुर आ रही ट्रेन में हरियाणा निवासी कांवड़िया अनिल कुमार के साथ बोगी में कुछ यात्रियों ने मारपीट की, कपड़े फाड़े और मोबाइल व 900 रुपये छीन लिए। पीड़ित के मुताबिक उसे ट्रेन से नीचे फेंकने की भी कोशिश हुई।
इस घटना ने यात्रियों के मन में पुरानी घटनाओं की यादें फिर से ताजा कर दीं। आठ महीने में यह तीसरी बार है जब ट्रेन में बैठे किसी यात्री के साथ घटना सामने आई है। 19 जनवरी को हलियापुर निवासी आकाश के साथ साबरमती एक्सप्रेस में ही मारपीट कर गैस चूल्हा छीन लिया गया था। हालांकि तब जीआरपी ने पीड़ित से समझौते का पत्र लिखवाकर मामला समाप्त कर दिया था। एक अन्य घटना चार दिसंबर 2024 को सामने आई थी, जब बेगमपुरा एक्सप्रेस से निहालगढ़ स्टेशन पर उतरने के बाद मामूली विवाद में मड़कियन निवासी तौहीद की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि तालिब गंभीर रूप से घायल हो गया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर घटना के बाद सुरक्षा को लेकर निर्देश तो दिए जाते हैं, मगर अमल कुछ ही दिनों तक होता है। बुधवार को घायल अनिल को आरपीएफ ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन जीआरपी की सक्रियता फिर नदारद दिखी। एडवोकेट राजेश बाजपेई ने कहा कि किसी पर चोरी का शक हो तो पुलिस को सौंपना चाहिए, खुद से मारपीट करना कानून हाथ में लेना है। अध्यापक संतोष तिवारी ने सवाल उठाया कि चोरी करने वाले आखिर बोगियों में घूम कैसे रहे हैं। दोषियों को पकड़ना जरूरी है, वरना व्यवस्था पर सवाल उठेंगे। आरपीएफ इंस्पेक्टर अजय कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए समुचित प्रबंध किया गया है। नियमित जांच होती है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।