अमेठी सिटी। मकर संक्रांति पर्व पर स्नान कर पूजन करते हुए दान करने की इच्छा लेकर श्रद्धालु प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के लिए रवाना हुए। मंगलवार को गौरीगंज स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही तो गंगा मैया के जयकारों से स्टेशन परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने घंटों ट्रेन की प्रतीक्षा की, लेकिन जब ट्रेन पहुंची तो धक्का-मुक्की के बीच प्रयागराज के लिए रवाना हुए।
हिंदू धर्म में मकर संक्रांति पर्व का विशेष महत्व होता है। मकर संक्रांति में गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान कर दान देते हुए परिवार के कल्याण की कामना करते हैं। इस बार प्रयाग में महाकुंभ का आयोजन होने से इसका महत्व काफी बढ़ गया है। जिले के तमाम लोग भी मंगलवार को प्रयागराज पहुंच गंगा स्नान कर मकर संक्रांति मनाने को रवाना हुए।
बड़ी संख्या में लोग सुबह 3:46 बजे गौरीगंज स्टेशन पहुंचने वाली योगनगरी एक्सप्रेस से प्रयागराज जाने के लिए मन में आस्था लिए ठंड को दरकिनार कर निकले, लेकिन स्टेशन पर ट्रेन के छह घंटे देरी से पहुंचने की सूचना के बाद भी उनकी आस्था कम नहीं हुई। इसी बीच दिन में लखनऊ से चलकर प्रयागराज संगम पैसेंजर से यात्रा करने वाले आठ बजे पहुंचे तो गौरीगंज स्टेशन पर चारों तरफ श्रद्धालु ही नजर आने लगे। गंगा मैया के जयकारों की गूंज पूरे स्टेशन पर गूंजती रहीं।
इसी बीच योगनगरी एक्सप्रेस पहुंची तो हर कोई चढ़ने की कोशिश में जुट गया। आलम यह रहा कि कई श्रद्धालु स्लीपर कोच में चढ़ गए। ट्रेन में भीड़ होने से तमाम लोग चढ़ भी नहीं पाए। इसके बाद दो घंटे देरी से पहुंची प्रयागराज संगम पैसेंजर से स्नान व दर्शन के लिए लोग रवाना हुए। स्टेशन पर मिलीं बुजुर्ग शांतिदेवी, परमीला देवी ने कहा कि भैया गंगा मैया का बुलावा आया है, पहुंचे का अहै, अब चाहै जो होए। यही हाल अन्य श्रद्धालुओं का रहा। स्टेशन अधीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ट्रेन के आगमन व प्रस्थान पर विशेष सावधानी बरती जा रही है। सुरक्षा नियमों के बीच ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है।
बसों को नहीं मिल रहीं सवारियां
परिवहन निगम की ओर से प्रयागराज के लिए 35 बसों का प्रबंध किया गया है, लेकिन बसाें से ठंड के बीच लोग यात्रा करने से बच रहे हैं। सोमवार को गौरीगंज, जायस व जगदीशपुर संग अमेठी डिपो से बसों को रवाना किया गया था। सवारी नहीं मिलने से मंगलवार को गौरीगंज, जायस व जगदीशपुर से एक भी बस प्रयागराज के रवाना नहीं हुई। अमेठी डिपो से छह बसेें श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई हैं। प्रयागराज संगम से वापसी में भी जिले की सवारियां नहीं होने से बसों का संचालन अलग-अलग स्थानों के लिए हो रहा है। एआरएम काशी राम ने बताया कि सवारियों की मांग के अनुसार बसों का संचालन किया जा रहा है।