संग्रामपुर के कालिकन धाम में दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद
अमेठी सिटी। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी और सोमवार के संयोग पर जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भोर से ही मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्त पहुंचने लगे। कपाट खुलते ही कई मंदिरों में कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने मां को चुनरी, नारियल, पुष्प और प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
गौरीगंज के राघीपुर स्थित दुर्गन भवानी धाम में सुबह से दर्शन के लिए भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। कतार में लगकर लोगों ने मां के दरबार में माथा टेका। मन्नत पूरी होने पर महिलाओं ने चुनरी, नारियल और टिकरी चढ़ाई। धाम परिसर में लगे मेले में प्रसाद, पूजन सामग्री, फल और खिलौनों की दुकानों पर भीड़ रही।
बच्चों ने खिलौने खरीदे, महिलाओं ने प्रसाधन सामग्री की खरीदारी की। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में पुलिसकर्मी तैनात रहे। देवीपाटन धाम में भी दिनभर श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहा। भक्तों ने मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रसाद चढ़ाया। मंदिर के पुजारी अभिषेक शास्त्री ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी पर व्रत और पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन देवी के दर्शन कर भक्त परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।
कालिकन धाम में सुबह से दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। महिलाओं ने माता को चुनरी, नारियल और प्रसाद अर्पित किया। मेला क्षेत्र में पूजन सामग्री और प्रसाद की दुकानों पर भी लोगों की आवाजाही रही।
पूजन कर लगाए जयकारे
सिंहपुर। मां अहोरवा भवानी धाम में श्रद्धालुओं ने विधिविधान से पूजन-अर्चन किया। मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंजता रहा। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सुबह से देर शाम तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। भक्तों ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।