संग्रामपुर स्थित कालिकन धाम में दर्शन करते श्रद्धालु। -संवाद
संग्रामपुर। मां कालिकन धाम में शुक्रवार को भोर में मंदिर के कपाट खुलते ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। श्रद्धालुओं ने मां भगवती के चरणों में फूल-माला, नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। महिलाओं ने मनौतियां मानकर विशेष पूजा-अर्चना की।
मंदिर परिसर में दिनभर दुर्गा सप्तशती का पाठ, हवन-पूजन और भजन-कीर्तन चलता रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर के बाहर लगे मेले का भी आनंद लिया। शृंगार सामग्री, पूजन सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुओं, खिलौनों, मिठाई और खानपान की दुकानों पर दिनभर खरीदारों की भीड़ रही।
बच्चों ने झूलों का आनंद लिया तो महिलाओं ने खरीदारी की। मंदिर के पुजारी अभिषेक शास्त्री ने बताया कि मां कालिकन धाम में श्रद्धापूर्वक दर्शन, दुर्गा सप्तशती का पाठ और हवन-पूजन करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है तथा सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। देर शाम तक श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।