तिलोई। मतदाता पंजीकरण केंद्र से हटाए गए बीआरसी ऑपरेटर शैलेश तिवारी के मामले में कोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक बहाली नहीं हो सकी है। न्यायालय ने मानदेय सहित सेवा में बनाए रखने का निर्देश दिया था और अनुपालन के लिए छह सप्ताह का समय तय किया था, जो बीत चुका है।
शैलेश तिवारी ने बताया कि वह वर्ष 2011 से मतदाता पंजीकरण केंद्र तिलोई में बीआरसी ऑपरेटर पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव के दौरान उनके विरुद्ध मोहनगंज थाने में आपराधिक मामला दर्ज हुआ था। विवेचना के बाद रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत हुई। इस कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने अभिलेखों का परीक्षण करते हुए पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर 13 फरवरी को शैलेश को सेवा में बनाए रखने और मानदेय देने के निर्देश जारी किए थे।
संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए समय भी निर्धारित किया गया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से भी इस संबंध में पत्र जारी हुआ। पीड़ित के अनुसार 10 मार्च को प्रत्यावेदन के निस्तारण के लिए बुलाया गया और 16 मार्च को अभिलेखों के साथ उपस्थित होने को कहा गया। उनका कहना है कि अपर जिलाधिकारी स्तर से भी निर्देश जारी हुए, फिर भी आदेश लागू नहीं हो सका। एसडीएम अमित सिंह ने बताया कि प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई चल रही है।