जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में खून जांच करती कर्मी। -संवाद
अमेठी सिटी। बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप बढ़ जाता है। हालांकि अभी ऐसा एक भी केस सामने नहीं आया है, फिर भी विभाग अलर्ट हो गया है। साथ ही आसपास सफाई रखने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी पर डेंगू और मलेरिया की निशुल्क जांच हो रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में पिछले कुछ दिनाें से औसतन एक हजार मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें 50 फीसदी बुखार, जुकाम, खांसी से पीड़ित हैं। लक्षण मिलने पर डेंगू और मलेरिया की भी जांच कराई जा रही है। प्रतिदिन 15 से 20 डेंगू और 50 से 55 मलेरिया की जांच हो रही है। हालांकि इस बार अभी तक कोई मरीज पॉजिटिव नहीं मिला है।
हाल ही में बाजारशुकुल में डेंगू के मरीज मिलने की बात सामने आई, जिसे स्वास्थ्य विभाग के अफसराें ने सिरे से खारिज कर दिया। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि अभी तक एक भी डेंगू या मलेरिया का मरीज नहीं मिला है। डेंगू और मलेरिया के मरीजों के इलाज के पर्याप्त इंतजाम जिले में हैं। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। सीएचसी पर रैपिड किट (कार्ड के माध्यम से) से डेंगू की जांच की जा रही है। पॉजिटिव निकलने पर जिला अस्पताल में एलाइजा जांच की सुविधा उपलब्ध है।
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि मरीजों की लक्षण के आधार पर डेंगू की जांच कराई जा रही है। इस समय ज्यादातर लोग वायरल बुखार की चपेट में हैं। इसलिए थोड़ी सावधानी बरतें और चिकित्सक से परामर्श लें।
डेंगू के लक्षण
अचानक तेज बुखार, तेज सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान, जी मिचलाना, उल्टी आना, दस्त होना, त्वचा पर लाल चकत्ते, हल्का रक्तस्राव (जैसे नाक से खून बहना, मसूड़ों से खून आना या आसान चोट लगना) आदि डेंगू के लक्षण हैं।
डेंगू से बचाव के उपाय
- मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- लंबी बाजू की शर्ट और लंबी पैंट पहनें।
- आसपास पानी न जमा होने दें।
- कूलर, गमलों का पानी बदलते रहें।