अमेठी सिटी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और अन्य महापुरुषों पर अभद्र टिप्पणी करने के साथ रिश्वतखोरी में लिप्त होने के आरोप में अमेठी के श्रम रोजगार एवं मनरेगा उपायुक्त शेर बहादुर पर शासन ने कार्रवाई की है। विवादित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर लखनऊ स्थित आयुक्त ग्राम विकास कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि वायरल ऑडियो में शेर बहादुर किसी व्यक्ति से बातचीत के दौरान विकास कार्यों के नाम पर पैसे मांगते और महापुरुषों पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते सुनाई पड़ रहे हैं। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करती है। मामले को गंभीर मानते हुए शासन ने त्वरित कार्रवाई की।
डीएम संजय चौहान ने बताया कि एडीएम अर्पित गुप्ता की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को जल्द से जल्द तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। चर्चा है कि शेर बहादुर के खिलाफ मनरेगा कार्यों में अनियमितता और कमीशनखोरी की शिकायतें पहले से मिल रही थीं। वायरल ऑडियो ने मामले को और पुख्ता कर दिया। इस प्रकरण का संज्ञान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिया। डिप्टी सीएम ने ग्राम्य विकास विभाग को उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर शासन ने शेर बहादुर को अमेठी से हटाकर लखनऊ संबद्ध कर दिया।
ऑडियो में कहीं ये बातें
ऑडियो में कहा कि हमने पांच लाख रुपये का काम करवाया, कौन ऐसा व्यक्ति है जो आपको पैसा नहीं देगा। जो 25 हजार भी नहीं देगा। अगर मेरा पैसा रुका रहेगा तो उससे पहले क्या हुआ होगा। सबको धन की आवश्यकता रहती है। इस बातचीत के दौरान कई बार गालियों और अश्लील शब्दों का भी प्रयोग किया गया।