भादर (अमेठी)। सेना के जवान दुर्गेश का पार्थिव शरीर रविवार की देर रात्रि पैतृक गांव हृदईकापुरवा मजरे गाजीपुर में पहुंचा। पार्थिव शरीर पहुंचते ही लोगों के आंसू छलक उठे। सोमवार को घर से निकली उनकी अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। नम आखों में सबकी जुबान से जब तक सूरज चांद रहेगा, दुर्गेश तेरा नाम रहेगा के नारे लगाए गए। पूरे सैन्य सम्मान के साथ गांव स्थित बाग में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। रामगंज थाना क्षेत्र के हृदईकापुरवा मजरे गाजीपुर निवासी दुर्गेश सिंह (38) जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर स्थित सेना के मेडिकल कोर में बतौर हवलदार तैनात थे। शनिवार की भोर में हुए हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर लेकर सेना के जवान रविवार की देर रात्रि पैतृक गांव पहुंचे।
सोमवार की सुबह से ही दुर्गेश के घर पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उनके अंतिम दर्शन के लिए लग गई। सेना के जवान दुर्गेश के पार्थिव शरीर को लेकर अंतिम संस्कार के लिए गांव स्थित बाग के लिए रवाना हुए। उनकी अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ा। भारत माता की जय, दुर्गेश सिंह अमर रहें व जब तक सूूरज चांद रहेगा, दुर्गेश तेरा नाम रहेगा के नारे से हृदई का पुरवा मजरे गाजीपुर गांव गूंज उठा। सैन्य सम्मान (गार्ड ऑफ ऑनर) के साथ बाग में अंतिम संस्कार किया गया। बेटे शिवांशु ने पिता को मुखाग्नि दी।
घरवालों को माता वैष्णो देवी का दर्शन कराने की थी आस
भादर। जम्मू से शुक्रवार की शाम चार बजे दुर्गेश ने अपने बड़े भाई बृजेश सिंह से घर, परिवार, क्षेत्र, रिश्तेदारों सहित मौसम का हाल चाल लिया था। वे काफी खुश थे। बड़े भाई बताते हैं दुर्गेश ने उन्हें बताया था कि भैया दोनों बहिनों और भाभी का टिकट करवा दिया है। आइए सब लोगों को माता वैष्णव का दर्शन करवाते हैं। शनिवार की सुबह चार बजे जब निधन की सूचना मिली तो मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। (संवाद)
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
भादर। दुर्गेश सिंह की पत्नी संगीता सिंह और वृद्ध माता नंद कुमारी सिंह का रो-रो कर बुरा हाल है। दोनों बच्चों में बड़े बेटे शिवांशु (12) व बेटी इशता (10) के सिर से पिता का साया उठ गया। किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि जम्मू में परिवार को शिफ्ट करने के पखवारे भर के अंदर शव के साथ बच्चों को पैतृक गांव आना होगा। (संवाद)
तिरंगा सौंपते ही बिलख पड़ा भाई
भादर। जम्मू से दुर्गेश के पार्थिव शरीर के साथ गांव पहुंचे सैन्य अधिकारी एस.के तिवारी साथ में एसडीएम प्रीती तिवारी, सीओ लल्लन सिंह ने जैसे ही बड़े भाई बृजेश को तिरंगा दिया तो वह फूट-फूट कर रोने लगे। इस मौके पर महेंद्र प्रताप सिंह, ग्राम प्रधान इंद्र बहादुर सिंह, अनिल सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मृतक जवान को श्रद्धांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। (संवाद)